बदमाश विनय को लगा चूत का चस्का

बदमाश विनय को लगा चूत का चस्का

हेल्लों दोस्तों, मेरा नाम विनय है, और मेरी उम्र 23 साल है और मैं जिला जबलपुर से हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 11 इंच है | मैं दिखने मे पतला हूँ पर मेरा सामान बड़ा है और यही वजह है की आज तक मैंने कई चूत और कई फटे भोसड़े मारे हैं, मेरी कहानी बहुत इंट्रेस्टिंग है | आप लोगों को बहुत मजा आयगा कहानी पढने में | चलो मैं अब कहानी में आता हूँ |

ये बात आज से 3 साल पुरानी है मैं अपने घर में रहता था पर किसी वजह से घर में परेशानी हुई और मुझे मेरे घर वालो ने मेरे बड़े पापा यानि कि मेरे पापा के भाई के यहाँ रहने के लिए भेज दिया था | मुझे पढाई लिखी में शुरू से ही मन नहीं लगता था | मैं ज्यादातर पैसे कमाने में लगा रहता था पर ज्यादा नहीं कमा पाता था | फिर एक दिन मेरे बड़े पापा ने मुझसे कहा कि मैं तेरा काम कटनी के एक गर्ल्स हॉस्टल में चौकीदार के रूप में लगा रहा हूँ और तू वहां मन लगा कर काम करना | मैंने भी हामी भर दी कि मैं बहुत अच्छे से काम करूंगा | फिर अगले दिन मैं कटनी के लिए निकल गया और हॉस्टल में चला गे वहां की जो मालकिन थी वो बहुत खडूस थी वो बहुत ही ज्यादा शक करती थी सब पर | फिर मैंने वहाँ काम करना चालू कर दिया था मेरा काम दो महीने तक तो बहुत अच्छा चला था | फिर एक दिन रात में 12 बजे दो लड़कियां नशे की हालत में हॉस्टल के पीछे वाले रस्ते से घुस रही थी | मेरे साथ वाला एक चौकीदार था जिसका नाम रामप्रसाद था वो उस समय सो रहा था और मैंने उन दोनों लडकियो को देख लिया था | फिर मैं उनके पास गया और उनसे पुछा की इतनी रात को तुम लोग नशे की हालत में कहाँ से आ रही हो तो वो नशे में ? उसने मुझसे बहुत बदतमीजी से बात करते हुए बोली क्यों बे चौकीदार तुझे क्या करना मैं कहीं बही रहूँ या कहीं से भी आऊ तू होता कौन है मुझसे ये सवाल पूछने वाला ? मैं जानता था की वो नशे में हैं इसलिए मैंने उन्हें कुछ नहीं कहा बस इतना कहा कि तुमलोग अब कल से ऐसी हालत में आई तो मैं तुम्हारी शिकायत कर दूंगा |

तो वो दोनों चढ़ बैठी मुझपे और बोलने लगी तू है कौन बे तेरी औकात क्या है मेरे सामने मेरे बाप को जानता है तू तेरी गांड मार लेगा यहीं मेरे मुंह मत लगना खड़े खड़े तेरी नौकरी चटवा दूंगी | मैं डर गया और वो जाने लगी नशे की हालत में हिलते डुलते और उतने में ही मालकिन चेक कर रही थी कि कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं है | मैंने उन्हें रोकते हुए कहा कि थोड़ी देर यहीं रुक जाओ मैडम को निकल जाने दो अगर वो तुम्हे देख लेंगी तो तुम्हारे पापा को बता देंगी | फिर मैंने उन्हें संभालते हुए चुपके चुपके से उनके कमरे तक छोड़ दिए और फिर मैं भी अपने कमरे में जा कर आराम करने लगा था | अगले दिन सुबह वो दोनों फिर आई मेरे पास और मुझसे कल रात की गलती के लिए माफ़ी मांगने लगी | मैंने उन्हें माफ़ कर दिया और कहा कि चलो कोई बात नहीं नशे में हो जाता है | फिर वो लोग चली गई अब धीरे धीरे हम दोनों की बात शुरू हो गई और फिर एक दिन ऐसा आया की वो मुझे पसंद करने लगी और मैं भी उसे पसंद करने लगा था | एक दिन फिर वो रात में नशे में आइ और उतनी ही रात को फिर मैंने उन्हें बोला की अरे अब बस भी करो कितना नशे में रहोगी | तो वो बोली चल तुझे बताती हूँ कि मैं कितना नशे में हूँ | वो दोनों मुझे अपने कमरे में ले गई और अपने कपडे उतारने लगी | क्या मस्त जिस्म था दोनों का कसम से | फिर उन लोगों ने मुझे नंगा कर दिया और मेरा बड़ा लंड देख के उनके मुंह में पानी आ गया और दोनों नीचे बैठ के मेरा लंड चूसने लगी | मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं अहाआअ अहहः अहहाहा अहहहहा अहहहा अह़ा अह़ा अह़ा अहहहहा अहहाआआ अहह्हाआ हहहाहः अहहाआः अह कर रहा था | 20 मिनट तक दोनों ने मेरा लंड बारी बारी से चूसा | फिर वो दोनों एक दूसरे को किस करने लगी और मैं दोनों के दूध बारी बारी से पी रहा था और वो दोनों अहहहः अहहहा अहहहाहा आअहहहाआ अहहाहहा अहहहाआ अहहह्हाआ अहहाहहः अहहहा अहहहा अहह्हाआअ अह़ा अहाहा कर रही थी | मैं बहुत गरम हो चूका था और वो दोनों भी गरम हो चुकी थी और उनकी चूत भी गीली हो चुकी थी | (सॉरी मैं उन दोनों का नाम तो बताना ही भूल गया एक का नाम रिया था और दूसरी का नाम सुरभि था ) | अब रिया सुरभि के मुंह में बैठ कर अपनी चूत चटवा रही थी और मैं सुरभि की चूत चाट रहा था | पूरे कमरे में गर्माहट भर गई थी और हम तीनो एक दुसरे को चूसे जा रहे थे और चाटें जा रहे थे | फिर मैंने दोनों को आजू बाजु लिटाया और दोनों बारी बारी से चोद रहा था और वो दोनों अहहहह्हाहा अहहहहः अहहहा फ़क में हार्ड अहहहहह्हहा अहहह्हह्हा अहहहहः अहहहहहः यू ब्लोद्द्य फक्कर फ़क माय पूसी आहाहह्हा अहहहाहाआअ अहहहा अहहः अहः अह हा हा ह आहा व्हाट अ डिक यू ब्लडी फकर अहहहः आह्हहहहाहा अहहह्हहा अहहहहा  कर रही थी | (सच बताऊं तो दोस्तों मुझे तो इसका मतलब भी नहीं पता था ) फिर मैंने 25 मिनट की चुदाई के बाद दोनों के दूध पर अपने वीर्य को नियोछावर कर दिया था | फिर मैं अपने रूम में आ कर सो गया था | उसके अगले दिन हम तीनो बैठ कर बाते कर रहे थे और वो दोनों मेरे लंड की बहुत तारीफ कर रही थी |

अब हम तीनो रोज रात को चुदाई किया करते थे | फिर एक दिन मेरे साथ वाला चौकीदार नहीं सोया था और मुझे या लगा था की वो सो रहा है | मैं फिर उन के कमरे गया और हम तीनो ने चुदाई करना शुरू कर दी फिर एक दम से दरवाजे पर दस्तक हुई और हम तीनो डर गए | और जैसे ही दरवाजा खोला तो देखा कि रामलाल और मालकिन दोनों खड़े हैं | फिर क्या था मुझे नौकरी से लात मार कर निकाल दिया गया और मैं फिर बेरोगार हो गया था मेरे साथ साथ उन दोनों लड़कियों को भी निकाल दिया गया था | मैं सोच भी नहीं सकता था कि रामलाल इतना मादरचोद आदमी निकलेगा | फिर मैं वापस जबलपुर आ गया था और मेरे बड़े पापा ने भी मुझे घर से निकाल दिया था | अब मैं किराये से रहने लगा था और एक सुहागी में एक गोदाम में काम करने लगा था | वहाँ मेरी एक लड़के से पहचान हुई जिसका नाम विकास था वो बहुत बड़ा रंडीबाज था | उसने मुझे एक कोठे के बारे में बताया जो हमारे गोदाम के ठीक पीछे था | और मुझे तो चूत का चस्का लग ही चूका था | फिर क्या था मेरी पटरी फिर चुदाई की लाइन में आ गई थी अब मैं उस कोठे में ही रहने लगा था और और उनका भी काम करवाता था लड़कियां लाना दारु लाना और रोज रात को मुझे चूत मिल जाया करती थी और पगार की जगह वो मुझे फ्री में रहने देते थे | मेरी जिन्दगी अच्छी कट रही थी | फिर पता नहीं क्या हुआ की किसी वजह से मेरी और विकास की लड़ाई हो गयी और हम दोनों में बात चीत बंद हो गई थी | फिर उसने मुझे घर से निकलवा दिया और धमकी दिया की आज के बाद यहाँ दिखा तो तेरी जान ले लूँगा | इस बार फिर मुझे फिर लात मार के निकाल दिया गया | अब मैं गोदाम में ही बस काम करता था और मेरी एक गर्ल फ्रेंड थी जिसकी मैं रोज रात को चुदाई किया करता था वो भी मेरे लंड से खुश थी | फिर एक दिन मैं उसकी चुदाई ही कर रहा था कि उसकी मम्मी ने हमे चुदाई करते हुए देख लिया | उस समय तो उन्होंने उसको खूब पीटा था मेरे सामने ही और मुझे बहुत जलील किया था | उसके एक हफ्ते बाद से वो मुझे लाइन देने लग गई थी फिर मैंने उसकी माँ को भी पटा लिया था | मैंने उसकी माँ की खूब चुदाई की थी | मेरा काम ऐसे ही चलता रहा | फिर कुछ समय के बाद मैं भोपाल आ गया और अब यहीं बस गया हूँ यहाँ मुझे अच्छी खासी पगार भी मिल रही है और यहीं मुझे रहने को भी मिल रहा है | पर मैं चूत का भूत तो बन ही चूका था तो यहाँ भी मैंने एक लड़की पटा ली अब वो मेरी गर्लफ्रेंड है और उसे भी मैं खूब चोदता हूँ |

तो दोस्तों ये थी मेरी एक दम सच्ची कहानी जो मैंने आप लोगों के सामने पेश की उम्मीद करता हूँ की आप लोगों को मेरी ये काहानी पसंद आएगी |

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