चूत और अन्तर्वासना का लालच

चूत और अन्तर्वासना का लालच

हेल्लो बुर के प्यासे लौड़ों तुम्हारी माँ की……. तबीअत ठीक है न | तुमाहरी बहन की …….. इज्ज़त पे रतो किसी ने हाथ नहीं डाला न | अगल डालने की कोशिश भी की तो माँ चोद देना उठा के बहनचोद की | चलो मेरा नाम है घसीटा लाल और मैं क बहुत ही सभ्य लड़का हूँ ऐसा मैं नहीं बोलूँगा पर मुझे सेक्स की लत इतनी गन्दी लगी हुयी हैं कि मैं आप लोगोएँ को बताऊ भी तो क्या | मेरे साथ इतने चुदाई के कांड हुए हैं कि मैं बता नहीं सकता | वेसे तो मुझे कई बार लोगों ने समझाया है की भाई ऐसी चुदाई मत किया कर पर मुझे वो समझ नहीं आया क्यूंकि मेरा लंड मेरी सुनता ही नहीं | उसके बाद मैंने सोचा क्यूँ न अपने चुदाई के तरीके को बदल डालूं क्यूंकि मुझे बेकार में फसने की आदत नहीं है | इसलिए मैंने अपने सारे गोरख धंदे बंद कर दिए और शुद्ध चुदाई का मज़ा लेने के लिए तैयार हो गया | उसके बाद तो मैंने कभी पीछे मुडके ही नहीं देखा और जिनती चूत मिली सबको चोदता चला गया | अब बस एक अपनी चूत की तलाश में हु जो मेरी बनके रहे और मैं उसे जितना चाहू चोदुं और कोई कुछ न कहे |

इसलिए आज मैं आपके सामने आया हूँ ताकि मैं आपको एक बात बता सकू जो की मेरे दिल में फांस की तरह चुभ रही है | ये बात है नफीसा की जो की बहुत ही टंच माल था पर वो मेरी चुदाई के बाद सब कुछ गवा बैठी और मैं इस चीज़ के लिए कभी खुद को माफ़ नहीं कर पाउँगा | हम दोनों भोपाल से हैं और मैं एक साधारण सा बिजली का काम करने वाला हूँ | मैंने कई लोगों का भला किया है ना जाने इसका बुरा कैसे हो गया मेरे से | मुझे जहांगीराबाद का एरिया मिला हुआ था और मुझे बहुत अच्छा लगता था इस एरिया में काम करने में क्यूंकि यहाँ बिजली चोरी बहुत होती है | मैं जिसको भी पकड़ता उससे १०० रुपये ले लेता और पर मुझे ज्यादा की तलाश नहीं रेह्रती थी क्यूंकि मैं जानता था यहाँ सारे लोग गरीब किस्म के हैं | पर एक घर था जो मुझे बिलकुल भी पैसा नहीं देता था और वहाँ से बिजली चोरी भी नहीं होती थी | फिर मैंने सोचा क्यूँ न इनसे मैं जबरदस्ती काम करवाऊ | मैंने जानबूझ के अपने एक लड़के से कहा ओये जा जाके एक तार जोड़ दे कल अपन इनसे भी पैसा निकल्वाएंगे |

अगले दिन हम लोग वहाँ पहुंचे और बोला कि ये कल्या है आप लोग इतने अच्छे हैं और आप यहाँ बिजली चोरी कर रहे हैं | वो लोग वाकई बड़े शरीफ थे और मुझे डर के देखने लगे और कहने लगे भैया हमने नहीं किया | मैंने कहा पर तार तो आपके ही घर से जा रहा है न | उन्होंने कहा नहीं ऐसा नहीं है साहब हमने नहीं किया आप यकीन करिए हमारा | फिर एक लड़की अन्दर से बाहर आई और कहा जी हमने नहीं किया आप अब्बू की बात मान लीजिये | मैंने कहा देखिये मुझे जो दिखजा मैंने वही किया अब आपको फाइन भरना पड़ेगा और आइन्दा से याद रखियेगा | उन्होंने कहा ठीक है और मैंने 1500 रुपये ले लिए | मुझे बहुत अच्छा लगा क्यूंकि मेरा काम तो निकल गया था और मुझे अब एक हफ्ते के लिए किसी से पैसे लेने की ज़रूरत नहीं थी | पर वो लड़की उसका चेहरा इतना हसीन ठाट कि मुझे हर पल याद आ रहा था | मैंने सोचा चलो आज फिर वही जाता हूँ शायद दिख जाए और मैंने अपनी गाड़ी वही मोड़ दी |

जैसे ही मैं वह पहुंचा तो देखा एक लड़की बुलेट चला रही है और बहुत सुन्दर सी दिख रही है | मैंने वहीँ पे अपनी गाडी लगा दी और उसको देखा तो वो वही लड़की थी | वू मुझे गुस्से से देख रही और आगे जाके गिर गयी | मैं तुरंत वहाँ दौड़ के गया और उसको उठाया और कहा जब बनती नहीं है तो चलती क्यों हो ? उसने कहा मैं कुछ भी करू आप से मतलब | मैंने कहा मतलब नहीं है फिर भी मानो तो अच्छी बाते हैं ये सब | वो गुस्से में उठी और मैंने गाडी खड़ी कर दी और वो उसे चलाते हुए निकल गयी | अब मुझे लगा की चलो इसने मेरी बात का जवाब तो दिया | इतनी प्यारी और मीठी आवाज़ थी उसकी कि मुझे उसकी डांट भी प्यारी सी गजल लग रही थी | अब मेरा मन उसके लिए पागल होने लगा और मैंने सोचा इसको पटाया कैसे जाए | मैंने रोज़ वही जाना शुरू कर दिया और वो रोज़ मुझे गुस्से से देखती पर एक दिन जब वो जा रही थी तब मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा यार तुम इतना गुस्सा क्यूँ रहती हो |

उसने कहा आपने मेरे अब्बा के साथ ठीक नहीं किया मैंने कहा यार मैं क्या करता मुझे उस लड़के ने बताया था | जब मुझे सच पता चला तो मैंने उसे निकाल दिया | मैं तुमाहरे घर ही आ रहा था \मैंने आपका दो महीने का बिल माफ़ करवा दिया है | उसने कहा अच्छा तो मैंने जी हाँ मुझे जैसे ही पता चला तो मैंने ये सिर्फ आपके लिए करवा दिया | उसने कहा ठीक है आप ये अब्बू को बता दीजिये वो बहुत खुश हो जाएंगे | मैंने कहा जी आप नहीं आएँगी क्या | उसने कहा मैं अभी कुछ काम से जा रही हूँ और मुझे नफीसा कहिये यही मेरा नाम है | मैंने सोचा बस यही काम था तुमसे अब तुम्हरी चूत के दर्शन तो मैं आसानी से कर ही लूँगा | वो इतनी मस्सों थी कोई भी उसका फायदा उठा सकता था और सच बताऊँ तो मैंने भी यही सोचा था | अब मैं उसके साथ रहने के लिए मौके ढूँढने लगा और वो भी मुझे अच्छा ख़ासा भाव देने लगी थी | मैंने तो यही सोचा था कि मैं उससे प्यार का इज़हार करवाऊंगा पर मुझे क्या पता था में ही पहले बोल दूंगा और ये सिर्फ चार दिन में हो गया |

अब मुझे उसके साथ रहना अच्छा लगने लगा था और वो बी मेरे साथ कही भी जाने से नहीं डरती | लड़की मासूम थी पर उसमे हिम्मत बहुत थी | अब हम लोग रोज़ मिलने लगे पर एक दिन मैं नहीं गया और उसका फोन भी नहीं उठा पाया | जैसे ही अगले दिन मैं उससे मिलने गया उसने मुझे घर के अन्दर बुलाया और गले से लगा लिए और मेरे होंठ पे किस कर दिया | मैं समझ नहीं पा रहा था ये मेरे साथ हुआ क्या | पर जो भी था अच्छा था क्यूंकि मैं यही तो चाहता था | मैंने भी उसका साथ देना शुरू कर दिया और उसको वही दीवारे पे टिका के किस करने लगा | उसके होंठ इतने मुलायम थे जैसे रुई हो | मैंने उनको अच्छे से चूसा और फिर उसके छोटे छोटे दूध को दबाना शुर कर दिया और वो भी मस्ती में आ गयी | मैंने जैसे ही उसका कुरता उतारा तो देखा उसके दूध वाकई में बहुत छोटे थे पर फिर भी मैंने उनको पीना शुरू कर दिया | जब मैं उसके दूध पी रहा था तब वो अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः …….. उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म करने लगी |

मैंने अपना एक हाथ उसकी पेन्टी में डाला और उसकी नरम चूत को रगड़ के गीला करवाने लगा | वो उछल रही थी और मुझे और जोर से किस करते हुए मुझे चिपकी हुयी थी | जैसे ही मैंने उसकी चूत को और रगड़ना चालु किया वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः और जोर से करने लगी | मैंने कहा चलो तुम्हे कमरे में ले चलू | फिर उस्न्बे मुझसे कहा ठीक है और वो मुझे अन्दर ले गयी और मैंने उसको बैठाया और उसकी चूत को देखने लगा | इतनी गुलाबी चूत थी कि मैंने तुरंत चाटना चालु कर दिया और वो फिरसे आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी |

फिर उसने मेरा लंड चूसा तो नहीं पर उसको छुआ और हिलाया | फिर मैंने उसकी चूत में धीरे धीरे लंड डाला और वो चिल्लाने लगी | पर थोडा सा खून निकला और थोडा सा धीरे धीरे चोदने के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी | अब वो मज़े में आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी | मैंने उसे बड़े प्यार से चोदा पर हम पकडे गए | उसके बाप ने कही उसकी शादी कर दी और वो इंसान उसे मारता है पर वो बेचारी सहती है और मुझे बड़ा बुरा लगता है कि मैं ही इसकी वजह हूँ |

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