मेरे सामने वाली खिड़की में एक प्यारी सी चूत रहती है

मेरे सामने वाली खिड़की में एक प्यारी सी चूत रहती है

मेरा नाम टाइगर है | मैं जबलपुर शहर का निवासी हूँ और मैं एक बहुत ही अच्छी कॉलोनी में रहता हूँ | मेरी उम्र 28 साल है और मैं बेरोजगार हूँ क्यूंकि मेरे पापा का बहुत बड़ा बिज़नेस है | उनके बाद सब कुछ तो मुझे ही संभालना है और हम अमीर घराने से ताल्लुक रखते है | हम जहां रहते हैं वहाँ हमारे घर के ठीक सामने एक गर्ल्स हॉस्टल है जहाँ बहुत सारी लडकियां रहती थी | उनमें से एक लड़की तरु जिससे मैं बहुत प्यार करता था वो भी वहीँ रहती थी और वो दिखने में बहुत ही सुन्दर और बहुत ही गोरी है, उसका फिगर 28-32-34 है | उसकी गांड पे तो मैं फ़िदा था और मैं उससे दो साल से प्यार करता था और कई बार प्रोपोस भी किया पर उसने ना ही कहा और ना ही कभी मना किया | मैं बहुत उलझन में था कि आखिर वो चाहती क्या है ? अब मैं सीधा स्टोरी पर आता हूँ |

ठंड का टाइम था मैं और मेरे दोस्त लोग शराब पी रहे थे मेरे घर में मेरे रूम में और मेरे रूमे से तरु का रूम साफ नजर आता था | उस टाइम करीब रात के 8 बज रहे होंगे वो अपनी कोचिंग से आई | मेरी नज़र उसके रूम की तरफ पड़ी | मैंने देखा और बस देखते ही रह गया, उसने ब्लैक कलर की इनर और ब्लैक जीन्स पहने हुई थी| और आप लोगो तो जानते ही होंगे कि अगर शराब पीते टाइम अगर आपका प्यार सामने आ जाये तो कैसी फीलिंग्स आती है | मैं उससे मिलना चाहता था और बात करना चाहता था पर मैं डरता भी था उससे कि कहीं परेशान हो कर इसने मेरे घर में बता दिया तो मेरे पापा मुझे बहुत मारेंगे |

मैंने बोला कि चलो बाद में देखेंगे और शराब पीने लगा | वो मुझे बहुत ही गलत समझती थी पता नहीं क्यूँ जबकि मैंने उसे ना ही कभी छेड़ा और नाही कभी परेशान किया पर तब भी वो मुझे गलत समझती थी | एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ सदर में घूम रहा था और उसका कॉलेज भी सदर में ही था, मैंने सोचा कि मैं कुछ कपडे ले लेता हूँ अपने लिए, तो मैं कपडे ले के शॉप से बाहर आ रहा था तो मैंने देखा की तरु को कुछ लड़के परेशान कर रहे थे | मैं वहाँ पहुंचा और मैंने उन लोगों को धमकाया | वो लोग ज्यादा लड़के थे तो उनमे से एक ने मुझे घूसा मारा और मैं जमीन में गिर गया | ये मेरे दोस्तों ने देख लिया था और मेरी कार में हमेशा बेस बॉल के डंडे रखे रहते थे तो वो सब वहाँ आ गए और उन लड़कों को खूब मारा | मैंने तरु को जाने का इशारा किया और वो वहाँ से निकल गयी | फिर मैं उठा और उन लडको को बहुत पीटा | पुलिस वाले भी आ गये थे वहाँ पर तो मैंने उनको सारी बात बताई तो पुलिस वाले उन लड़कों को उठा के ले गए |

फिर उसी शाम मैं और मेरे दोस्त घर के बाजु वाले गार्डन में बैठे थे | मुझे चोट आई थी तो मेरे सर पर पट्टी बंधी हुई थी, थोड़ी देर बाद मेरे दोस्त वहां से निकल गए और मैं अकेल ही लेटा था | मैंने देखा कि तरु आ रही है फिर मुझे लगा कि शायद मैं सपना देख रहा हूँ | फिर तरु ने मुझे हाय किया तो एकदम तिलमिला के उठा और हाय किया फिर वो मेरे पास ही बैठा गयी मुझे थैंक्स बोलने लगी | तो मैंने कहा कि नहीं यार इसकी कोई जरुरत नहीं है ये तो मेरा फ़र्ज़ था | फिर उसने मेरे सर पर हाथ फेरा और कहा कि टाइगर तुम ठीक तो हो ना ? तो मैंने कहा हाँ ठीक हूँ फिर मैंने तरु से कहा कि तरु मैं तुमसे बेहद प्यार करता हूँ और तुमसे शादी करना चाहता हूँ | तो उसने मुझे कहा कि मैं भी तुमसे प्यार करने लगी हूँ | ये सुन के मैं पागल सा हो गया और ख़ुशी के मारे फूले नहीं समा रहा था | वो भी हंसने लगी मेरी पागल पंती देख के | फिर हम दोनों ने करीब 1 घंटे बैठ के बाते की |

उसके बाद हम दोनों की फ़ोन पर लम्बी बाते चलती रहती थी मैंने शराब पीना छोड़ दिया था | हम दोनों साथ में घूमते फिरते रहते थे | मतलब आप लोग ये कह सकते हो कि हम अब पति पत्नी बन चुके थे | एक दिन मैं उसे शौपिंग कराने मॉल ले गया था वहां वो लड़के फिर से टकरा गए वो उन्हें देख के डर गयी और मेरे पीछे आ गयी | तो मैंने कहा डरो मत कुछ नहीं होगा | फिर उन लोग भी वहाँ से बिना कुछ बोले निकल गए | एक दिन मैंने उससे फ़ोन पर कहा कि मुझे तुम्हे किस करना है  तो वो शर्मा गयी और बोली कि अच्छा कहाँ करोगे, तो मैंने कहा लिप्स पर | फिर ऐसे ही धीरे धीरे हमारी सेक्स वाली बात चालू हो गयी और हम दोनों रात में सैक्स की खूब बाते किया करते थे | फिर एक दिन मैंने उसे डिनर के लिए बुलाया था वो आई और उसने रेड कलर की ड्रेस पहनी हुई थी | वो इतनी सुन्दर लग रही थी जैसे मानो स्वर्ग की अप्सरा खुद असमान से अतर आई हो | डिनर करने के बाद मैंने उसे किस किया और हम दोनों 15 मिनट तक किस करते रहे और फिर हम घर आ गए |

मैंने फ़ोन पर उससे कहा कि मुझे तुम्हारे साथ सैक्स करना है, तो वो घबरा गई और उसने कहा कि उसने कभी सैक्स नहीं किया है और उसे डर लगता है सैक्स से | तो मैंने उसे समझाया की शादी के बाद तो हमे ये सब करना ही है तो अभी क्यूँ नही कर सकते | बहुत समझाने के बाद उसने कहा ठीक है, फिर उसके 2 हफ्ते बाद मम्मी पापा को बाहर जाना था 5 दिन के लिए तब हमे मौका मिल गया था | पर मम्मी पापा की ट्रेन तो शाम की थी और मुझे रात में घर से बाहर निकलने मिलता नहीं है | उसका फोन आया यार तुम आ जाना मुझे अकेले बहुत डर लगता है | फिर मैंने मम्मी पापा से कहा की मुझे दो दिन के लिए बाहर जाना है कुछ ज़रूरी काम है | तो पापा ने पूछा क्या काम है तुझे मैंने कहा मार्कशीट निकलवानी है | तो उन्होंने मुझे पैसे दिए और कहा ठीक है पर आराम से जाना | मैं घर से निकल गया और तरु के घर पहुँच गया | मुझे देखकर उसकी आँखों में जो चमक थी उसे मेरे अलावा कोई और नहीं समझ सकता | मैं उसके घर गया और मुझे लगी थी भूख तो उसने मुझे अपने हांथों से खाना खिलाया |

मुझे उससे और ज्यादा प्यार होने लगा था फिर मैंने कहा तुमने खाना खाया क्या तो उसने कहा नहीं | फिर मैंने उसे अपने हांथो से खाना खिलाया | अब हम दोनों साथ में उसके कमरे में लेटे थे और वो मेरे ऊपर थी | मैंने उसे धीरे से किस करना कर दिया और वो शर्मा शर्मा के मुझे दूर जाने लगी | मैंने उसे कसकर अपनी बाहों में भर लिया और उसके होंठों को चूमने और काटने लगा | वो भी अब खुल गयी थी और मुझे भी किस करने लगी थी | मैंने उसे आधे घंटे तक किस किया और वो भी अब चुदने को तैयार सी हो गयी थी | अब मेरा मन बेकाबू हो रहा था और मैंने किस करते हुए उसकी टी शर्ट को उतार दिया और दीवार पर टिका के उसे और ज्यादा किस करने लगा | उसकी ब्रा के ऊपर से मैंने उसके दूध को मुह में भरने की कोशिश की पर वो इतने बड़े थे की वो मेरे मुह में नहीं समां रहे थे | फिर मैंने उसके दूध को उसकी ब्रा की कैद से आज़ाद कर दिया और वो हिलते हुए नीचे लटकने लगे | मैं भी किसी बच्चे की तरह उनको चोसने लगा और इतना चूसा की खुद उसने कहा अब बस करो मेरी चूत गीली हो गयी है | मैंने तुरंत उसकी चड्डी उतारी और उसकी बालों वाली चूत को चाटने लगा | उसके चूत के पसीने की महक मुझे दीवाना बना रही थी | फिर मैंने उसकी चूत को खूब चाटा और जब वो तीन बार झड़ गयी तब मैंने उसे चोदना शुरू किया |

वो टाइट थी बहुत और उसकी चूत को चोदना इतना आसान नहीं था पर मैंने जेसे ही लंड थोडा सा अन्दर किया आआआह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ बहुत बड़ा है धीरे से डालो | फिर मैंने दूसरे झटके में पूरा का पूरा लंड अन्दर पेल ही दिया | ऊऊऊऊईईईईइमा मेरी जान निकल रही है आआआह्ह्ह्ह निकालो इसे | मैं धीरे से उसे चोदने लगा और कुछ ही देर में सब शांत हो गया | वो आराम से चुदवा रही थी | उम्म्मम्म्म्म क्या लंड है तुम्हारा बस अब मुझे यही चाहिए बोलते बोलते हम दोनों झड़ गए और दो दिन तक लगातार चुदाई की |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *