चुदाई की प्यास को समझा

चुदाई की प्यास को समझा

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मैं सरकारी कर्मचारी था मेरी उम्र करीबन 67 वर्ष की हो चुकी है। घर पर अकेला ही रहता हूं। मेरे बीवी का भी देहांत हो चुका है। मेरे दोनों बच्चे विदेश में ही सेटल हैं। और मैं शिमला की हसीन वादियों में अकेले रहता हूं। क्योंकि यहां हमारा पुश्तैनी मकान था तो मैं रिटायरमेंट के बाद यहीं आकर बस गया। अब तो तेरे साथ के लोग सब ऊपर चले गए थे। कुछ पुरानी चूत भी मर चुकी थी। मैंने उनसे अपनी जवानी के दौर में बहुत मजे किए थे। अभी कुछ लोग मुझे पुराने मिल जाते हैं तो वह सब मेरी तारीफ करते हैं कहते हैं क्या ताकत थी तेरे में मैं कहता हूं आप कहां रहा है यार पहले जैसा मर्दपन। अब तो बुढ़ापा आ चुका है। लेकिन मेरा आप भी लंड सेहतमंद था। क्योंकि मैं उसको समय-समय पर खुराक देता रहता था। घर पर कई बार कॉल गर्ल को भी बुलाया करता था। पैसे की तो कोई कमी थी ही नहीं मैं पूरे मजे लिया करता था। मैंने अपने यहां पर बहुत सी नौकरियां रखी सब को मैंने अच्छे से बजाया और खूब पैसे दीऐ। ज्यादा दिन तक कोई भी नौकरान मेरे यहां पर रहती नहीं थी। इसलिए मुझे हर 5 महीने में नई नौकरानी  ढूंढनी पड़ती थी।

इस काम के लिए मैंने एक ब्रोकर को रख रखा था जो मेरे लिए 2 4 महीने में नई नौकरानी ढूंढ लिया था। जिसका नाम श्यामलाल था। मुझे एक नौकरानी चाहिए थी। तो मैंने श्यामलाल को बोला किसी को भिजवा देना। श्यामलाल ने एक 45 वर्ष की महिला को भेजा और साथ में उसकी एक 25 30 वर्ष की लड़की भी थी। मैंने उसको सारा काम समझाया वह सारा काम समझ गई। मैंने उस औरत से पूछा तुम्हारा नाम क्या है। उसने बताया रशीदा है मेरा नाम मैंने उसको पूछा यह लड़की कौन है।उसने बोला साहब यह मेरी लड़की है जिसका अब तलाक हो चुका है इसको भी अपने पास ही काम पर रख लो। मैंने कहा यह क्या काम करेगी यहां पर उसने कहा साहब सब कुछ कर लेंगे। मैं उसको मना ना कर सका और मैंने उसको काम पर रख लिया उसकी मजबूरी देखते हुऐ। उसने मुझे कहा साहब शुक्रिया मैंने कहा शुक्रिया की कोई बात नहीं है मैंने इंसानियत के नाते से रख लिया। मेरा रशीदा को पूछा यह क्या काम करेगी यहां पर उसने कहा सब सब कुछ कर लेती है यह मैंने भी बोला क्या यह मेरी मालिश कर लेगी। उसने कहा साब क्यों नहीं करेगी। यहां पहले मसाज पार्लर में ही थी। मैंने कहा ठीक है रात को उसे बोल देना वह मेरे बदन की मालिश कर देगी। क्योंकि मेरा बदन बहुत दर्द होता है। अब हड्डियों में जान नहीं रही।

रशीदा ने बोला आपको देखकर ऐसा तो नहीं लगता। आज भी आपके अंदर पूरी जान है। आपके चेहरे पर निखार है। मैंने रशीदा को रोकते हुए बोला चलो जाने दो अब इतनी भी तारीफ मत करो। ठीक है मैं सोने के लिए जा रहा हूं। और मैं अपने कमरे में सोने के लिए चला गया। मुझे नंगा होकर सोने की आदत है। तुम ऐसे ही सो गया। थोड़ी देर में वहां पर रशीदा आ गई। मैं सोया हुआ था और मुझे पता भी नहीं चला कब वह कमरे में आ गए। उसने मुझे नग्नावस्था में देखा और मेरे हथियार को छूने लगी। मेरा भी बहुत समय से खड़ा नहीं हुआ था। रशीदा उसको जोर-जोर से हिलाने लगी। हिलाते हिलाते उसने ना जाने कब अपने मुंह में मेरे लंड को ले लिया पता ही नहीं चला। मुझे शक तो पहले से ही था यह जुगाड़  किस्म की औरत है। पर जो भी था उसने मेरा पानी निकाल कर पी लिया। और उसके बाद मैं सो गया।

जैसे ही शाम होने लगी, वैसे रसीदा और उसकी बेटी ने खाना बनाना शुरु कर दिया था। उसके मेरे लिए खाना लगाया। मैंने खाना खाया और फिर अपने कमरे में सोने चला गया। फिर मुझे नींद नहीं आ रही थी मैं उठा और अपने छत पर टहलने लगा। जैसे ही मैं छत पर गया वहां मैंने देखा दोनों मां बेटी एक दूसरे का चाट रहे हैं। मैंने गुस्से में कहा यह क्या कर रहे हो। अरे मालिक कुछ नहीं मेरी बेटी बोलने लगी मां आज आरिफ की बहुत याद आ रही है। तो मैंने सोचा इसकी आंख को थोड़ा शांत कर दो और अपनी भी फिर मैं नीचे चले गया और जाते-जाते बोला अपनी लड़की को नीचे भेज देना मेरी मालिश के लिए रशीदा ने 10:15 मिनट बाद अपनी बेटी को मेरे पास मालिश के लिए भेजा।

मैं जैसे सोता था वैसे ही हमेशा की तरह नग्नावस्था में लेटा हुआ था। रशीदा की बेटी  वहां पर आ गई। अपने हाथ में कुछ सामान लेकर आई हुई थी जो मालिश  का था। उसके बाद उसकी लड़की ने मुझे बोला आप मुंह के बल लेट जाइए। मैं लेट गया और उसने अपने नरम नरम हाथों से मेरी कमर की मालिश शुरू कर दी। मुझे अच्छा महसूस होने लगा था। मुझे ऐसा लगने लगा था जैसे मैं कोई जवान मर्द हूं। उसके हाथों में जादू था। हां मैंने भी कहा कितने सालों से यहां काम कर रही हो। उसने बोला 15 साल की उम्र से अच्छी मालिश कर लेती हो। फिर उसने जवाब दिया मैंने कहीं खान साहब को की मालिश करी है। जो आज भी मुझे बुलाते हैं। मैं आज भी वहां पर उनकी मालिश के लिए जाती हूं। मैं यह बात सुनकर खुश हो गया। और उसको बोलने लगा और क्या-क्या करती हो। साहब जैसा बोले वैसा सब कुछ करती हूं।

अब मेरे मुंह की तरफ से आ चुकी थी। मैंने उसके सूट के पल्लू को उठाया और बोलो क्या मुझे यह भी दे सकती हो। उसने बोला जी साहब उसने अपने सलवार को नीचे खिसका दिया। और बोलने लगी यह लो कुछ और हुकुम आपका। मैंने कहा तेरी चूत लाजवाब की है। लंबी सी थी पर पतली थी। मैं बहुत खुश हो गया था यह देख कर तभी उसकी मां भी मेरे बेडरुम में आ गई। और मुझे बोलने लगी। साहब इसकी अजय सिंह गांड मारना इसकी गर्मी ठंडी पड जाए। मैंने कहा रशीदा तुम चिंता मत करो। तुम भी मेरे पास आ जाओ और देखते रहो कैसे मै इसकी अंदर की गर्मी को शांत करता हूं। रशीदा भी वहां पर आ गई। और मेरे बगल में बैठ गई। मैं रशीदा की लड़की की चूत को चाटने लगा। रशीदा ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया। उसकी बेटी के गाल बड़े ही मुलायम थे। मैंने उस लड़की को पप्पी दी। मैं उसकी जवानी देखकर अचंभित रह गया था।

कैसे उसके पति ने इसको तलाक दे दिया है। मेरे लिए तो हर जवान लड़की सेक्सी है। इस उम्र में तो सब हसीन लगती हैं। उसके बाद मैंने रशीदा को बोला हम इसको लेने दो मुंह में रशीदा को मैंने कहा हमें तुम्हारी चूत चाटता हूं। फिर क्या था जैसे ही उस लड़की ने मेरा लंड मुंह में लिया। मुझे ऐसा लगा जैसे कुछ गर्म चीज़ अपनी तरफ खींच रही हो। मेरा पानी भी निकलने लगा था। फिर मैंने उसको कहा पूरी नग्नावस्था में आ जाओ दोनों मां बेटी नग्न हो चुकी थी। मैंने उस लड़की के दोनों पैर चौड़े कर दिए और उसकी गांड के छेद में उंगली डालने लगा। मेरी तो उंगली भी नहीं घुस रही थी वहां इतना ज्यादा टाइट था लगता था उसके पति ने किया नहीं था कुछ भी वह भी आनंद से सिसकियां लेने लगी।अब मेरा लंड टाइट हो चुका था। और निशाना उसकी चूत में लगा कर अंदर डाल दिया। और देखते ही देखते वह काबू से बाहर होने लगी। रशीदा ने उसके मुंह पर अपने निप्पल लगा दिए तब थोड़ा शांत हुई।

मैंने उसके शरीर को अपने हाथों से कस लिया था। तब भी वह शांत नहीं हो रही थी। फिर रशीदा ने उसके मुंह पर चूत लगा दी तब जाकर उसको थोड़ा शांति हुई। तब मेरे लंड को शांति हुई। तब जाकर हमने उस पर काबू पाया। और उसके बाद मैंने उसकी वह रेल बनाई। जोर जोर से छटपटाने लगी। रशीदा बोलने लगी साफ छोड़ना मत इस की गर्मी को बुझा दो। यह मुझे बहुत परेशान करती है। फिर तो मैंने उसकी और ज्यादा ठुकाई कर दी। मानो जैसे मुझे गुस्सा सा हो गया हो। तो उसके आंखों से भी आंसू आने लगे थे।  बोलने लगी हुजूर आपने मेरी आत्मा को शांत कर दिया है। मैं आपका शुक्रगुजार रहूंगी। फिर मैंने उसको उल्टा करके लेट दीया। और उसकी गांड में  अपना माल गिरा दिया। फिर उसके बाद मैंने एक शॉर्ट रशीदा का भी लिया। तब से रशीदा और उसकी बेटी मेरे घर पर ही रहते हैं और मेरी हर मुराद पूरी करते हैं। मैं भी अब बुजुर्ग होने लगा हूं। पर उसकी लड़की मुझे कभी होने नहीं देती। रशीदा बहुत खुश रहती है।

 

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