चूत के रस ने बुझाई लंड और अन्तर्वासना की आग

चूत के रस ने बुझाई लंड और अन्तर्वासना की आग

हैलो दोस्तों मेरा नाम अभिलाष है और मैं जगदलपुर का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 25 साल है और मैं बहुत ही चुदक्कड किस्म का इंसान हूँ | मैं आए दिन कोई न कोई लड़की ढूंढ़ता ही रहता हूँ ताकि किसी को पटाऊ और चोद सकूँ लेकिन मेरी किस्मत में लड़कियां नहीं है इसलिए मेरी नज़र आंटियों पर रहती है | मैंने बहुत सी आंटियाँ पटाई और बजाई भी लेकिन लड़की की चूत मारने का मज़ा ही कुछ और होता है | मैं दिखने में भी अच्छा हूँ फिर भी कोई लड़की मुझसे नहीं पटती लेकिन ऐसा नहीं है मैंने भी दो लड़कियों को चोदा है जिसमें से एक की कहानी मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ |

मेरी एक दोस्त है जिसका नाम जया है और मेरी स्कूल फ्रेंड है | हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त है और हम दोनों एक दुसरे को भाई बहन मानते है | स्कूल के बाद भी हम दोनों मिलते रहते है और बातें भी होती ही रहती है | एक बार उसने मुझसे पूछा क्या तुम नशे में हो ? तो मैंने कहा हाँ | तो उसने कहा मतलब तुम शराब भी पीते हो ? तो मैंने कहा हाँ लेकिन तुम आज ये क्यूँ पूछ रहे हो ? तो उसने कहा यार मुझे भी टेस्ट करनी है | तो मैंने पूछा तुम मजाक कर रही हो क्या ? तो उसने कहा नहीं यार मैं सीरियस हूँ मुझे एक बार ट्राई करनी है | तो मैंने कहा ठीक है लेकिन मेरे पास अभी पैसे नहीं है जब आयेंगे तो पिला दूंगा | तो उसने कहा अरे तूने कैसी बात कर दी मैं दे रही हूँ न | तो मैंने कहा अच्छा पीयेंगे कहा क्योंकि अहाते में तू जा नहीं सकती | तो उसने कहा अच्छा चलो कहीं दूर चलते है |

तो मैंने सोचा और मेरे दिमाग में एक जगह आई और मैंने कहा हाँ मुझे एक जगह पता है | तो उसने कहा चलो कब चलना है तो मैंने कहा जब तुम कहो | तो उसने कहा चलो कल चलते है और मैंने कहा हाँ चलो | फिर उसने कहा मेरी एक दोस्त भी है वो भी मेरे साथ आएगी तो मैंने कहा हाँ कोई दिक्कत नहीं | जब उसने फ़ोन रखा तो मैं सोच रहा था कि ज़रूर ये अंकिता को लेकर आएगी | ये अंकिता वही है जो स्कूल में उसकी दोस्त और बहुत गज़ब की माल थी और मैं उसे पटाने में लगा हुआ था लेकिन पटी नहीं थी | मैं मन में ख़ाब सजा रहा था कि अगर वो आई तो मैं क्या कहूँगा और कैसे उससे बात करूंगा ? लेकिन आपको मेरी किस्मत पता ही है | वो किसी और को लेकर आई उसका नाम रोशिनी था लेकिन वो भी दिखने में बुरी नहीं थी | हम तीनो उस जगह पर पहुंचे और दारु पीने लगे |

जया ने कहा मैं ज्यादा नहीं पीउंगी तो मैंने कहा यार इतनी सारी है ख़त्म कैसे होगी ? तो रोशिनी ने कहा अरे मैं हूँ न अपन दोनों ख़त्म कर देंगे | तो मैंने पूछा तुम भी पीती हो क्या ? तो उसने कहा नहीं ये मेरा दूसरी बार है | मैं समझ गया इसको बहुत जल्दी चढ़ जाएगी | तो जया ने एक पेग लिया और बाकी की बोतल ख़त्म करने में रोशिनी ने मेरा साथ दिया | रोशिनी को नशा हो चूका था और वो बार बार झुकी जा रही थी और मेरी नज़र हर बार उसके दूध पर जा रही थी | उसके बाद एक एक पेग और बने और वो मस्त नशे में आ गई लेकिन मुझे ज्यादा कुछ ख़ास नशा हुआ नहीं था | फिर मैंने बोतल फ़ेक दी और आके दोनों के साथ बैठ गया | जया ने बताया तुम्हें पता है जब मैंने पीने के लिए रोशिनी से पूछा तो उसने मना कर दिया था लेकिन जब मैंने उसे तुम्हारी फोटो दिखाई तो वो मेरे साथ चलने की ज़िद करने लगी |

रोशिनी नशे में थी और कुछ बोल नहीं रही थी तो मैंने उससे बात करना ठीक नहीं समझा | फिर मैंने जया से पूछा अच्छा अंकिता कैसी है तो उसने कहा अभी तक नहीं भूले तुम ? तो मैंने कहा हाँ यार वो थी ही इतनी अच्छी और उसकी तारीफ करने लग गया | मैंने अंकिता की थोड़ी सी तारीफ क्या कर दी रोशिनी मेरे ऊपर फट पड़ी | उसने कहा अच्छा मतलब मैं बुरी हूँ तो मैंने कहा अरे मैंने ऐसा कब कहा ? तो वो बोली नहीं तेरा मतलब तो यही है | तो मैंने कहा अरे मैं ऐसा नहीं कह रहा हूँ मैंने सिर्फ कहा की वो अच्छी थी लेकिन तुम बेस्ट हो | तो वो मुस्कुराने लगी तो मैंने सोचा अभी तो ये नशे में भी है और मुझे पसंद भी कर रही है तो क्यों न कुछ कुछ हो जाये | मैंने उससे पूछा अच्छा रोशिनी और पीयोगी तो उसने कहा हाँ तो मैंने कहा मेरा पी ले |

उसे समझ में नहीं आया लेकिन जया समझ गई और मेरी तरफ देखकर नहीं नहीं करने लगी | तो रोशिनी ने जया से कहा अच्छा ये वो सब बोल रहा है क्या ? तो उसने कहा अरे नहीं ये तो है ही पागल तुम क्यों सीरियस हो रही हो ? तो उसने कहा अरे ऐसे कैसे मैं इस बात का जवाब ज़रूर दूंगी तू बता इसने क्या कहा ? तो मैंने कहा मुंह में ले ले मेरा | तो वो खड़ी हुई और मेरे पास आई और नीचे बैठकर मेरी पैन्ट के ऊपर से लंड पर हाँथ फिराने लगी | तो जया ने कहा अरे यहाँ ये सब तो मैंने जया से कहा तुम घूम जाओ आज तो कुछ न कुछ हो कर रहेगा | तो वो घूम गई और मैंने अपनी पैन्ट की ज़िप खोली और लंड बाहर कर दिया | उसने मेरा लंड पकड़ा और फिर मुझे देखते हुए लंड मुंह में ले लिया | मुझे तो मज़ा ही आ गया था और मैं बहुत अच्छा अच्छा महसूस भी हो रहा था | फिर वो मेरा लंड चूसती रही और मेरा लंड खड़ा हो गया | मैं आसपास नज़र रखा हुआ था लेकिन वहाँ ज्यादा कोई आता जाता नहीं था |

फिर मैंने उसको खड़ा किया और उसके दूध दबाने लगा टॉप के ऊपर से और पीर मैंने एक हाँथ नीचे से उसके टॉप के अन्दर डाल दिया | फिर मैंने उसके दूध दबाये और किस करने लग गया | वो नशे में थी लेकिन भोसड़ी वाली मज़े पूरे ले रही थी और जमकर किस करने में लगी हुई थी | मैं भी कहाँ पीछे हटने वाला था क्योंकि हमेशा से मैं सिर्फ फटा भोसड़ा ही मारता रहता हूँ और अभी पैक्ड मिल रहा है तो कैसे छोड़ दें | फिर मैंने उसकी जीन्स का खोलना शुरू किया तो उसने अपना हाँथ लगाया और खोल दिया और फिर मैंने उसकी जीन्स उतारी और पैंटी भी उतार दी | उसकी चूत में बिलकुल बाल नहीं थे तो मैंने पूछा क्यों आज का पूरा प्लान करके आईं थी क्या ? तो उसने कहा नहीं मैं साफ सफाई रखती हूँ | मैंने पूछा पहले कभी किया है तो उसने कहा हाँ तीन बार बस | तो मैंने सोचा चलो इतना भी चलेगा और उसकी चूत घिसने लगा | वो ऊम्म्मम्म उम्म्म्मम्म अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह आआआआअ आआआआ उम्म्मम्म्म्म उम्म्म्मम्म य्य्य्यय्य्य य्य्य्यय्य्य आआआआ ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी |

फिर मैं उठा और अपना खड़ा लंड उसकी चूत पर रखा और वो मचलने लगी | तो मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ा और उसकी चूत में थोडा सा अन्दर किया और वो तड़पने लगी और आह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह म्मम्मम्म ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआअ आआआअ ह्ह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह करने लगी | फिर मैंने धीरे धीरे थोड़े से लंड से उसको चोदना शुरू किया और वो अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह आआआ अह्ह्ह्हह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह्ह्ह करती रही | चोदते चोदते मैं बार बार जया की तरफ देख रहा था लेकिन वो पलट कर बैठी हुई थी तो मैंने जया को आवाज़ लगाई और कहा अरे देखो तो | तो उसने कहा मुझे नहीं देखना तो मैंने कहा ठीक है तो वो पलटी और मैंने एकदम से रोशिनी की चूत में पूरा लंड डाल दिया और उसकी चीख निकल गई | वो मेरे पेट पर हाँथ रखकर मुझे धक्का देने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं तो झटके मारने में लगा हुआ था |

वो जोर जोर से अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्हा आआआअ आआआअ आआअ य्य्य्यय्य्य अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह ईह्ह्हह्ह्ह्ह एह्ह्हह्ह्ह्हह्ह एस्स्स्सस्स्स्स आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह कर रही थी | फिर मैंने जया की तरफ देखा और फिर और जोर जोर के झटके मार मार के रोशिनी को चोदना शुरू किया और वो अब और जोर जोर से अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्हह्ह्ह्ह आआअ आआआ आआआ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह करने लग गई | फिर मेरा छूटने को हुआ तो मैंने सोचा अन्दर ही झड़ा दूँ क्या लेकिन फिर कुछ कुछ सोच कर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और लंड हिलाते हुए उसकी चूत और पेट के बीच में झड़ा दिया | फिर मैंने कहा क्यों मज़ा आई तो उसकी आँखों में आंसू थे लेकिन फिर भी उसने कहा हाँ बहुत | फिर हमने कपडे पहने और थोड़ी देर वहाँ बैठे और फिर चले गए | उसके बाद मैंने कई बार जया से पूछा फिर कब आ रही है रोशिनी लेकिन वो कभी भी मुझे उससे मिलाती नहीं है और उसका नंबर भी नहीं देती |

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