मै तुम्हे चोद सकता हूं

मै तुम्हे चोद सकता हूं

Antarvasna, kamukta मैं मुंबई का रहने वाला एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूं मेरे पिताजी रेलवे में नौकरी करते हैं और मेरी मां घर का काम संभालती हैं मेरी दो बड़ी बहने हैं उन दोनों की शादी हो चुकी है। अभी कुछ समय पहले ही मेरी जॉब लगी है मैंने अपनी पढ़ाई के बाद ही जॉब करनी शुरू कर दी, मैंने सोचा मैं क्यों ना अपने दोस्त को मिल लूं। काफी समय हो चुका था मैं अपने दोस्त प्रशांत से नहीं मिला था तो मैं प्रशांत से मिलने के लिए चला गया मैं जब उसके घर पर गया तो मैंने घर की डोर बेल बजाई। प्रशांत की मम्मी ने दरवाजा खोला जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला तो उन्होंने मुझे देखते हुए कहा अरे मनीष बेटा तुम कहां थे। मैंने उन्हें कहा कि मैं तो यही था वह कहने लगी तुम काफी दिनों से घर भी नहीं आए, मैंने आंटी से कहा क्या प्रशांत घर पर है। वह कहने लगी हां वह घर पर ही है तुम अंदर आ जाओ आंटी ने मुझे अंदर बुला लिया और मैं अंदर चला गया जब मैं अंदर गया तो हम दोनों आपस में बात करने लगे। मैंने प्रशांत से पूछा तुमने काफी दिनों से मुझे फोन नहीं किया प्रशांत कहने लगा यार आजकल मैं कुछ ज्यादा ही बिजी था इसलिए मुझे समय नहीं मिल पाया।

प्रशांत अपने पिताजी के साथ ही काम करने लगा है उसके पिताजी एक गेस्ट हाउस चलाते हैं, हम दोनों बात कर ही रहे थे कि तभी एक लड़की आई मैंने उसे पहली बार ही देखा था। उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक थी और उसके लंबे बालों को देखकर मुझे ऐसा लगा जैसे कि मुझे वह पसन्द आने लगी है पहली नजर में वह मुझे अच्छी लगने लगी थी। जब प्रशान्त ने मुझे सुहानी से मिलवाया तो मुझे लगा कि अब  हमारी बात आगे नहीं बढ़ने वाली मैंने पहली नजर में ही सुहानी को पसंद कर लिया था और उसके बाद तो मेरी उससे मुलाकात होती ही रही। जब भी वह मुझे मिलती तो हमेशा मुझसे बात किया करती लेकिन मैं उसे अपने दिल की बात नहीं कह पा रहा था। एक दिन मैंने सोचा कि सुहानी को मैं आज अपने दिल की बात कह देता हूं उस दिन मैंने उसे फोन किया सुहानी को मैंने पहली बार ही फोन किया था। हालांकि उसका नंबर मैंने काफी पहले ले लिया था लेकिन मैंने उससे बात नहीं की थी जब मैंने सुहानी से बात की तो वह मुझे कहने लगी आज तुमने कैसे फोन किया।

मैंने सुहानी से कहा मुझे तुमसे कुछ काम था सुहानी कहने लगी बताओ तुम्हें क्या काम था मैंने उसे बताया जब से मैंने तुम्हें देखा है तब से ही मैं तुम्हें पसंद करता हूं। वह मेरी बातों को समझ चुकी थी लेकिन तब तक उसने मुझे कहा देखो मनीष तुम बहुत अच्छे लड़के हो लेकिन मैं तुम्हारे साथ रिलेशन में नहीं रह सकती। यह संभव ही नहीं हो सकता क्योंकि मैं किसी और से प्यार करती हूं। जब सुहानी ने मुझे यह बात कही तो मैंने उससे उसके बाद कुछ नहीं कहा मेरा उससे बात करने का भी मन नहीं हुआ और मैंने फोन रख दिया। सुहानी को भूलना ही मैंने बेहतर समझा लेकिन हम दोनों की किस्मत कहीं ना कहीं जुड़ी हुई थी इसीलिए तो सुहानी को मेरे साथ ही रिलेशन में रहना था। वह जिस लड़के से प्यार करती थी उसके परिवार वालों ने उसकी शादी कहीं और ही तय कर दी इससे सुहाने को बहुत धक्का लगा लेकिन मैंने उसे काफी सपोर्ट किया उसके बाद सुहानी और मेरे बीच में रिलेशन चलने लगा। हम दोनों एक दूसरे को अच्छी तरीके से समझने लगे थे और एक दूसरे के साथ हम लोग ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते। मुझे सुहानी का साथ पाकर बहुत अच्छा लगा और सुहानी को मेरा साथ पाकर बहुत अच्छा लगा। जब मेरे और सुहानी के बीच रिलेशन आगे बढ़ रहा था तो हम दोनों ने इस बात की जानकारी किसी को नहीं दी लेकिन एक दिन सुहानी के साथ मुझे प्रशांत ने देख लिया। जब प्रशांत ने मुझे सुहानी के साथ देखा तो उसे काफी बुरा लगा लेकिन मैंने उसे समझाया तो वह मेरी बातों को समझ गया और कहने लगा मनीष तुम्हे मुझे बताना चाहिए था कि तुम्हारे और सुहानी के बीच में अफेयर है। यदि तुम मुझे पहले बताते तो मुझे शायद इतना बुरा नहीं लगता लेकिन तुमने मुझसे यह बात छुपाई तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो फिर भी तुमने मुझे नही बताया, तुम्हे इसके बारे में मुझे बताना चाहिए था।

एक दिन सुहानी और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों पार्क में बैठकर बात कर रहे थे मैंने सुहानी से पूछा क्या हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए। सुहानी कहने लगी नहीं अभी हमें इतनी जल्दी शादी नहीं करनी चाहिए हम दोनों को एक दूसरे को और समय देना चाहिए लेकिन मुझे लगता था कि मुझे सुहानी से जल्दी से शादी कर लेनी चाहिए। सुहानी और मेरे बीच में बहुत प्यार था हम दोनों के बारे में सुहानी ने अपने घर पर बता दिया था और मैंने भी अपने परिवार वालों से सुहानी के बारे में बात की थी हमारे रिश्ते से किसी को भी कोई आपत्ति नहीं थी। एक दिन सुहानी का एक्सीडेंट हुआ जब सुहानी का एक्सीडेंट हुआ तो मुझे बहुत बुरा लगा, मैं सुहानी के साथ ही अस्पताल में था जब उसका पैर थोड़ा बहुत ठीक होने लगा तो वह घर आ चुकी थी। मैंने सुहानी से कहा कि तुम अपना ध्यान रखा करो उस दिन ना जाने ऐसा क्या हुआ कि सुहानी का स्टैंड हो गया सुहानी की स्कूटी स्लिप हो गई और वह बहुत तेजी से गिरी जिससे कि उसके पैर पर बहुत चोट लगी। सुहानी घर पर ही अब आराम कर रही थी जब वह ठीक होने लगी तो मैंने सुहानी से कहा सुहानी मुझे इस बात का बहुत बुरा लगता है कि हम दोनों साथ नहीं रहते। हम दोनों को साथ रहना चाहिए और एक दूसरे के साथ हम दोनों को समय बिताना चाहिए। सुहानी ने मुझे कहा कि मुझे कुछ और समय चाहिए उसके बाद ही मैं इस बारे में कोई फैसला कर पाऊंगी।

उसी दौरान मुझे पुणे की कंपनी से ऑफर आया वहां पर मुझे सैलरी काफी अच्छी मिल रही थी तो मैंने सुहानी से इस बारे में पूछा। सुहानी मुझे कहने लगी यदि तुम्हें लगता है कि तुम्हें पुणे चले जाना चाहिए तो तुम पुणे में ही सेटल हो जाओ और वहां पर तुम्हे सैलरी भी तो ज्यादा मिल रही है। मुझे भी लगा कि मुझे चले जाना चाहिए लेकिन मेरे मम्मी पापा चाहते थे कि मैं मुंबई में ही रहकर जॉब करूं लेकिन मुझे लगा कुछ समय तक मैं पुणे में ही जॉब कर लूं और मैंने पुणे में जॉब करने के बारे में सोच लिया। मैं जब पुणे गया तो सुहानी से मैं दूर हो चुका था मुझे सुहानी की काफी याद आने लगी। हम लोग हर रोज फोन पर बात किया करते थे लेकिन मुझे लगता था कि सुहानी और मुझे साथ में रहना चाहिए। मैंने एक दिन सुहानी से कहा मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है और लगता है कि मुझे तुम्हारे साथ में रहना चाहिए सुहानी कहने लगी देखो मनीष तुम अपनी जॉब पर ध्यान दो कुछ समय बाद हम दोनों शादी कर ही लेंगे। अब मैं अपने जॉब पर ही ध्यान दिया करता हूं उसी दौरान सुहानी से मिलने के लिए मैं मुंबई चला गया। मैं जब उससे मिलने के लिए मुंबई गया तो सुहानी मुझसे कहने लगी तुम्हारी जॉब तो ठीक चल रही है ना, मैंने उसे बताया मेरी जॉब ठीक चल रही है बस तुम्हारी कमी है। मैं जब सुहानी से मिलने के लिए गया तो मुझे नहीं मालूम था कि हम दोनों के बीच सेक्स संबंध बन जाएंगे सुहानी से इतने समय तक दूर रहने के बाद मेरी इच्छा भी सुहानी के साथ सेक्स करने की होने लगी। मैंने उससे इस बारे में बात की पहले तो वह मुझे मना करती रही लेकिन आखिरकार वह मेरी बात मानी गई। जब वह मेरी बात मान गई तो मैंने सुहानी से कहा हम लोग आज साथ में ही रुकते हैं सुहानी कहने लगी ठीक है।

सुहानी ने अपने घर पर कहा कि वह अपनी किसी सहेली के साथ ही आज रुकने वाली है वह मेरे साथ एक होटल में रुकने के लिए तैयार हो गई। हम दोनों जब होटल में गए तो कुछ देर तक हम दोनों ने आपस में बात की जब मैं और सुहानी बात कर रहे थे तो उस वक्त मैंने सुहानी से कहा क्या मैं तुम्हारे होठों को किस कर लूं तो वह कहने लगी क्यों नहीं। मैंने जैसे ही उसके रसीले होठों को चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा मजा आने लगा मैं उसके होठों को अच्छे से किस करने लगा उसके अंदर की गर्मी भी बढ़ने लगी थी और मेरे अंदर से भी एक अलग ही फीलिंग आने लगी थी। जब सुहानी ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया तो उसे बहुत मजा आने लगा वह मेरे लंड को अच्छे से चूस रही थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगता। जैसे ही मैंने सुहानी की योनि पर अपने लंड को रगडना शुरू किया तो उसकी योनि से गिला पदार्थ बाहर की तरफ निकलने लगा। मैंने एक ही झटके में अपने 9 इंच मोटे लंड को उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी।

मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता वह अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी उसकी मादक आवाज से होटल का रूम गूंजने लगा मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के देता रहता उसकी योनि से लगातार खून का बहाव हो रहा था। मैंने सुहानी से पूछा क्या तुमने अपने बॉयफ्रेंड के साथ कभी सेक्स नहीं किया था तो वह कहने लगी नहीं मैंने उसे कभी भी सेक्स नहीं किया और उसे अपने बदन को मैंने छूने तक नहीं दिया। मैं सुहाने की सील तोड़ कर बहुत खुश था मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के दिया जा रहा था मुझे सुहानी को चोदने में बड़ा मजा आता। मैं उसे इतनी तेज गति से धक्के मारता कि उसकी योनि से गर्मी बाहर निकलने लगी जैसे ही उसकी चूत से गर्मी बाहर निकलने लगी तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो हम दोनों ही खुश हो गए मुझे सुहानी के साथ सेक्स करना बहुत अच्छा लगा और सुहानी के चूत के मजे मैंने काफी देर तक लिए। अभी तक हम दोनों ने शादी नहीं की है लेकिन सेक्स के मजे हम लोग लेते ही रहते हैं।

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