मुस्कान के चेहरे पर लायी मुस्कान

desi ses हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अनिल है और मैं एक स्टोरी को लेकर आया हूँ | मेरी उम्र 19 साल है | मेरा लंड का साइज़ 8 इंच है | मैं सीतापुर से हूँ और पढाई करने के वजह से बाहर रहना पड़ता था | जहा मैं रूम रेंट पर लेकर रहता था | जहाँ मैं रहता था वहां मेरे मकान मालिक की एक लड़की थी जिसका नाम मुस्कान था | बहुत ही हॉट लड़की थी | जिसके बूब्स बड़े हो गोल थे | उसका फिगर 30 24 34 था | जब उसे देखता था तो मेरा मन करता था की उसे चोद दू | पर वो मेरे मकान मालिक की लड़की थी | उससे बहुत कम बात होती थी |

मुस्कान की उम्र 18 साल थी | मुस्कान की उम्र से उसकी बूब्स बहुत गोल थे | उसके बूब्स देख कर कोई भी पागल हो सकता था | कोई लड़का उसे चोदना चाहेगा | मैं सुबह उठता और कॉलेज जाने के लिए तेयार होने लगता | फिर कॉलेज जाता था | कभी कभी मैं उसको देखता रहता था और कोई सामान मंगाना होता था तो वो मुझे बुला लिया करती थी | मुझसे जाना पड़ता था क्यूंकि मेरे मकान मालिक बाहर जॉब करते थे | वो कभी कभी घर आते थे और जब वो घर आते तब मुझे कमरे का रेंट भी देना पड़ता था तो उनके घर जाता था | तब मैं उसे करीब से भी देखता था | एक दिन की बात है | मेरे मकान मालिक घर पर ही थे | तो मुझे बुलाया तो मैं उनके घर गया | मैं घर से आ ही रहा था की मुस्कान नहा कर आ रही थी | उसे टॉवल में देख कर मेरे होश उड़ गए | क्या लग रही थी जैसे की कोई अप्सरा आ गयी हो | पर मुस्कान ने मुझे आपने आप को देखते देख लिया तो मुझे लगा की अब ये पापा से बोल देगी | उसके बाद अंकल जी मुझे कभी घर के अन्दर नहीं आने देगे | पर उसने नहीं कहा और मुझे बुला कर कहा की तुम घर आ जाया करो | मुझे समझ आ गया की ये मुझे पसंद करती है पर उसने कभी कहा नहीं मुझसे | इस तरह मैं अक्सर मुस्कान के घर जाया करता था | और वो भी मेरे पास आपने कम से आ जाया करती थी | अब वो पढाई के सिलसिले में मेरे पास आ जाया करती थी | धीरे धीरे कुछ दिन बाद मकान मालिक ने मुस्कान को कोचिंग पढ़ाने को कहा मुझसे तो मैने कहा जी अंकल पढ़ा दिया करूँगा | तो अंकल ने कहा फिर तो मैं तुमसे कमरे का किराया भी नहीं लूँगा | तो इस तरह मेरा घर पर आना जाना और ज्यादा हो गया उसके बाद अंकल जी फिर जॉब करने चले गए और घर में फिर से मुस्कान और उसकी मम्मी ही रह गयी | में भी आपने कॉलेज जाता था | कॉलेज से आता तब मुस्कान को कोचिंग पढाने जाता था | इस तरह से मेरे दो काम हो जाते थे | एक तो मुझे किराया नहीं देना पड़ता और मुस्कान से मिलने को टाइम मिले जाता था | मैं भी मुस्कान को पढ़ाते पढाते कभी कभी मुस्कान के बूब्स को भी टच कर देता था | और वो भी नाराज नहीं होती और न ही किसी से बोलती इसके बारे मैं |

फिर तो जायदा ही कुछ कुछ मुस्कान की मम्मी मुझे मानने लगी थी कभी कभी मुझसे रात के खाने पर भी बुला लेती थी | और मुझसे बड़े ही प्यार से बोलती थी | आंटी जी मुझे हर दिन खाने पर बुला लिया करती थी | और मुझे भी खाना बनाना नहीं पड़ता था | एक दिन जब मुझे मुस्कान खाने खाने के लिए बुलाने आयी तो मैंने उसे कमरे मैं बेड पर गिरा दिया और किस करने लगा | इतने मैं अंटी जी आवाज देने लगी | उसने कहा की मम्मी बुला रही हैं | पर मैंने नहीं छोड़ा और किस करने लगा | मैंने कहा की यहाँ मेरे मन चोदेने का कर रहा है | तो उसने कहा की आज रात में आउंगी तो मैंने जाने दिया और बाद मैं मैं भी खाना खाने के लिए चला गया | वहा आंटी से खूब सारी बाते की और मैंने की अंटी जी अंकल कब आयेंगे तो अंटी ने बताया की अब जब तुम्हरे अंकल आयेगे तो सब लोग घुमने चलेगे | तो मुझे भी अच्छा मौका मिलने वाला था मुस्कान को चोदने का | तब मैंने मुस्कान से बोला की अब तो तुम्हारे पापा आयेंगे तो तुम घुमने मत जाना | तो मुस्कान ने कहा की ठीक है नहीं जाउंगी | पर मुझसे जब भी कभी मौका मिलता था तो मैं मुस्कान को किस कर लिया करता था और उसके मुलायम बूब्स भी खूब दबता था | मैंने बताया था की उसके बूब्स बहुत ही गोल और मुलायम थे जैसे की किसी के बिस्तर से भी ज्यादा और उसकी गांड तो इतनी मस्त थी | और फिर दुसरे दिन ही मुस्कान के पापा आ गए और फिर सब लोग घुमने जाने की तयारी करने लगे | और कहां था मुस्कान से नहीं जाने को तो मुस्कान ने बहाना किया की वो बीमार है इस तरह वो नहीं गयी थी घुमने फिर मुस्कान के मम्मी पापा को छोड़ कर आया मैं | फिर और मुस्कान रात होने का इंतजार करने लगे और फिर रात को मुस्कान ने खाना बनाया और हुम दोनो ने एक ही थाली में खाना खाया फिर क्या |

मुस्कान के मम्मी के बेडरूम में जाकर मैंने मुस्कान को पकड कर पेड़ पर लेटा दिया और किस करने लगा | और मुस्कान भी मेरा साथ देने लगी | मैं कभी उसके उठो पर किस करता तो कभी उसके गले पर और साथ मैं ही उसकर बूब्स को दबाता | उसके बूब्स इतने मुलायम थे की मजा आ जाता | फिर मैंने उसके कपडे उतर दिया | अब वह केवल ब्रा और पेंटी में थी | और मैंने आपने कपडे भी उतार दिए थे | और उसकी ब्रा और पेंटी भी उतर दी | उसके गोल गोल बूब्स अब मेरे सामने थे मैंने उसके बूब्स पर किस करना सुरु किया और उसके बूब्स दबाते हुए उसके चोत मैं उगली घुसा थी | और वो सिसिकिया लेने लगी जेसे की आग लग गयी हो | अब मैं उसकी चूत को चाटने लगा | मैं आपनी जीभ को उसकी चूत मैं अन्दर बाहर करने लगा | जितनी जोर से अन्दर बहर करता मैं मुस्कान उतनी ही जोर से सिसिकिया लेती और फिर उसे मैने अपना लंड मुह मैं लेने को कहा और फिर उसने मेरे लंड को चूसने लगी जैसे कोई लोलीपोप चूस रही हो मैं | भी उसके मुह मैं आपने लंड को धक्के मरता था | और वो मेरे लंड को बहुत अच्छे से चूस रही थी |

उसके बाद मैंने उसकी की दोनों टांगो को फेलाया और उसकी चूत के मुह पर पना लंड रख कर थोडा थूक लगाया और फिर धीरे से धक्का मारा तो वो चिल्ला पड़ी ओ मम्मी बहर निकालो बाहर निकालो तो मैंने निकाल लिया | फिर लंड पर धोक लगाया और चोट के मुह पर रख कर जोर से धक्का मारा और मेरा आधा लंड चूत में घुस गया वो और जोर से ऊऊउफ़्फ़्फ़ ऊफ्फ्फ्फ़ की सिसिकिया लेने लगी और खून से चूत भर गयी | मुस्कान रोने लगी और बोली नहीं अब नहीं मैने बोला पहले दर्द होगा बाद में मज़ा आएगा तो मान गयी | फिर मैने लंड चूत में रख कर जोर सर धक्का मारा और ऊऊफ़्फ़्फ़ ऊफ्फ्फ्फ़ जोर से चीखी मैने उसकी होठों पर किस करने लगा | और बाद फिर मैने उसकी चूत में जोर जोर से धक्के मरने लगा | जितने ही जोर से धक्के मारता वो उतने ही जोर जोर से सिसिकिया लेती | फिर कुछ ही देर में बेडरूम में जोर जोर से आवाज आने लगी पूरा कमरा जोर जोर की आवाज से गूंजने लगा | फिर मुस्कान को भी मज़ा आने लगा | वो बोलने लगी अनिल मेरी चूत को फाड़ दो चूत को फाड़ दो | फिर वो भी मेरा चुदने में बराबर साथ देने लगी कभी आपनी चूत को ऊपर निचे करती तो कभी मेरे लंड पर बेठ कर ऊपर निचे करती अब मुस्कान को मज़ा आने लगा और वह खुद ही ऊपर निचे होती और पने आप ही चोदने लगी | मुस्कान अब झड़ने वाली थी वो बोली अब मैं झड़ने वाली हूँ | तब मैंने बताया की अभी मैं नहीं झडा हूँ | उसके बाद मुस्कान एक बार झड गयी फिर उसकी चूत में पना लंड डाल कर जोर जोर से झटके मारने लगा और जितने जोर से झटके मारता वो उठे जोर जोर से चीखती और बोलती और वो मुझसे कहती और जोर से और जोर से | मेरा पूरा लंड अपने चूत में और मज़े से चोदने लगी | अब में भी झड़ने वाला था | बहुत जोर जोर से चोदने लगा और जब झड़ने वाला हुआ तो मुस्कान से अपने लंड को मुह से चूसने को बोला और वो मरे लंड को बड़े भी प्यार से चूस रही थी | मैने सारा आपाना वीर्य उसके ही मुह में ही छोड़ दिया और उसके बाद उसके मम्मी के ही बेडरूम में ही सो गए और सुबह जल्दी उठ कर एक बार फिर जमके चुदाई की | अब हम लोग जब भी कभी टाइम मिलता है हमेशा करते करते हैं और दोबारा में मैने मुस्कान की गांड भी मारी थी | मज़ा आया था दोस्तों | अब हम दोनों अक्सर करते हैं जब घर पर मम्मी पापा नहीं होते तो पूरी पूरी रात करते हैं |

धन्यवाद

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