किराने की दूकान वाले की लड़की को पटा कर चोदा

किराने की दूकान वाले की लड़की को पटा कर चोदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हनी है और मैं जयपुर सिटी का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 26 साल है और मैं सेल्समेन हूँ | मेरा काम मसाले बेचने का है | मैं दिखने में काफ़ी अच्छा हूँ और मेरी कद काठी भी अच्छी है | दोस्तों, आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश कर रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है | इस कहानी में मैं आप लोगो को बताऊंगा कि कैसे मैंने एक किराने की दुकाने वाले की लड़की को पटाया और फिर चोदा | तो अब मैं बिना वक़्त गंवाए अपनी कहानी शुरू करता हूँ |

जैसा कि मैंने आप लोगो को बताया कि मैं एक सेल्समेन हूँ  और मेरा काम काउंटर में जा कर माल बेचना पड़ता है | हर दिन मेरा अलग अलग जगह पर जाना होता है और हर किराने की दूकान पर स्कीम देते हुए माल बेचना होता है | मेरा ट्यूसडे के दिन के बीट होती है जहाँ पर एक किराने की दूकान है उस दूकान का नाम अर्जुनदास वासुदेव है | वो आदमी इतना अच्छा है और उसका नेचर भी अच्छा है | जब भी मैं उसकी दूकान पर जाता हूँ तो वो अच्छे से व्यवहार करता है और हमेशा चाय पानी के लिए पूछता है | इतना ही नही वो मुझसे माल भी 10000 का माल लेता है और नगद भुगतान करता है | उसकी एक बेटी है जिसका नाम सुकन्या है | वो अभी स्कूल में 12वी क्लास में है पर वो प्राइवेट पेपर दे रही है तो वो घर पर ही रहती है | वो दिखने में बहुत ही मस्त है | उसका सेक्सी फिगर और उसकी सुन्दरता ऐसी है कि अच्छे अच्छे लौंडो को अपना दीवाना बना दे | उसके दूध और उसकी चौड़ी गांड देख कर तो लगता है कि साला इसको पटक कर चोद ही दो | एक दिन की बात है मैं मंगलवार के दिन मैं उसकी दूकान गया तो पता चला कि वो कही गये हुए हैं और उसकी बेटी सुकन्या जो कि दूकान पर बैठी थी उसने मुझे ये बात बताई | तो मैंने उससे कहा कि ठीक है मै बाकी दूकान देख लू फिर आता हूँ | तो उसने कहा ठीक है वैसे आयेंगे तो मै आपका क्या नाम बताउंगी ? तो मैंने कहा कि बता देना कि हनी आया था | इतना कह कर मैं दूसरी दूकान पर चला गया | फिर वहां से फुर्सत हो कर मैं फिर से अर्जुनदास वासुदेव के की दूकान पर गया | तो मैंने पूछा कि अंकल अभी तक नही आये क्या ? तो फिर उसने मुझे बताया कि हाँ अभी बात हुई है पापा से पापा ने कहा कि आपको रोक कर रखूं वो आ रही है |  मैंने कहा ठीक है मैं रुक जाता हूँ | फिर हम ऐसे ही बैठ कर बात करने लगे नॉर्मली | करीब 10 मिनट के बाद अंकल आ गए | फिर मैंने उन्हें नमस्ते किया उन्होंने भी नमस्ते किये | तब तक उनकी बेटी अन्दर घर में चली गयी | फिर उसके बाद मैंने उन्हें अपना माल बेचा और फिर वापस आ गया ऑफिस बिलिंग करवाने |

अब जब भी मैं उनकी दूकान जाऊ तो उनकी बेटी भी मुझे वही बैठे मिले | जब मैं माल बेचू और उसकी तरफ नजर जाए मेरी तो वो मुझे ही देखती और मुस्कुरा देती | ऐसा कई बार हुआ तो मैं समझ गया कि ये मुझे पसंद करने लगी है | अब मैं भी जब भी उसकी दूकान जाऊ तो उसे देख कर स्माइल कर देता और वो भी मुझे देख कर स्माइल करती | एक दिन की बात है मैं उनकी शॉप पर गया तो मैंने देखा कि फिर से उनकी बेटी ही बैठे हुए है तो मैंने उससे पूछा कि अंकल कहाँ गए हैं ? तो उसने बताया कि पापा और मम्मी किसी काम से गए हुए हैं | पापा ने मुझे बोल कर गए थे कि हनी आये तो उससे सामान ले लेना और अच्छे से देख लेना कि कौन कौन सा सामान अपने पास नही है | तो मैंने कहा ठीक है पर आप एक बात मुझे बताइए कि आप मुझे देख कर इतना स्माइल क्यू करते हो ? तो उसने कहा कि आप भी तो मुझे देख कर स्माइल करते हैं | तो मैंने कहा कि यार जब तुम मुझे देख कर स्माइल करती हो तो मैंने गुस्से से तो देखूंगा नही | इसलिए मैं भी मुस्कुरा देता हूँ | पर ये तो बताओ तुम क्यू  इतना मुस्कुराती हो | तो उसने कहा कि आप मुझे बहुत अच्छे लगते हो और मैं आप को पसंद करती हूँ | तब जा कर मुझे कहानी समझ में आई | फिर मैंने कहा कि यार पसंद तो मैंने भी करता हूँ पर कभी बोलने का मौका ही नही मिल पाया | फिर उसके बाद हम दोनों ने आपस में अपने नंबर बदले और फिर उसने सामान की लिस्ट बनायी और बोली कि इतने इतने पीस इस इस चीज़ के करवा देना | उस दिन पहली बार उनकी दूकान से 3000 का माल बिका था | फिर मैं वह से ऑफिस आ गया | अब हम दोनों की रोज फ़ोन पर बात होने लगी | बस हम कभी घुमने नही जा पाते थे | फिर एक दिन मैं उनकी दूकान गया तो फिर वो मुझे नही मिले | तो मैंने फिर सुकन्या से पूछा कि कहाँ गए हैं अंकल ? तो उसने कहा कि मामी और पापा पार्र्टी में गये हैं शाम तक आ जायंगे | तो मैंने कहा कि कम से कम दूकान तो खोल लेते | तो उसने कहा कि 12 बजे तक खुली थी अब बंद हो चुकी है | मैंने कहा ठीक है और जैसे ही जाने को हुआ उतने में ही सुकन्या ने आवाज दी और कहा कि रुको मैं आ रही हूँ | फिर जब वो आई तो उसने कहा कि घर चलो न आपसे कुछ बात करनी है | मैंने कहा ठीक है | जब मैं अन्दर गया तो उसने तुरंत ही दरवाजा लगा दिया और मेरी बांहों में लिपट गयी | मैंने कहा कि क्या हुआ है ? तो उसने कहा कि मेरा प्यार करने का मन कर रहा है |

मैं कुछ बोल पाता उससे पहले ही उसने मेरे होंठ में अपने होंठ रख दिए और मेरे होंठ को चूसने लगी | मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगा | अब मैं भी गरम हो चुका था | फिर मैंने उसके टॉप को उतार दिया और फिर उसकी ब्रा को भी एक ही झटके में उसके बदन से अलग कर दिया | जब मैं उसके दोनों दूध को हाँथ से पकड के दबाने लगा तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ  करते हुए आन्हे भरने लगी | उसके बाद मैंने उसके दोनों दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | फिर उसने मेरे पेन्ट को उतारा और अंडरवियर को नीचे कर दिया | अब वो मुझे सोफ्र पर बैठा दी और मेरे लंड को चाटने लगी | तब मेरे मुंह से भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्करिया लेने लगा | फिर उसने मेरे लंड ओ अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए उसके दोनों दूध को मसलने लगा |

फिर मैंने उसके लोअर को उतारा और पेंटी भी अलग कर दी | फिर मैंने उसे सोफे पर लेटाया और उसकी टाँगे फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मचलने लगी | फिर मैंने उसे सोफे पर ही घोड़ी बना दिया | अब मैं उसके पीछे गया और पीछे से उसकी चूत में लंड डाल कर चोदने लगा तो वो भी साथ देते हुए आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करने लगी और अपनी गांड आगे पीछे करते हुए चुदवाने लगी | फिर उसके बाद मैंने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से धक्के मार कर चोदने लगा | वो भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया लेने लगी | कुछ देर चुदाई के बाद मैंने उसके मुंह के ऊपर अपना माल छोड़ दिया | मैंने उसे आई लव यू कहा तो उसने भी मुझे आई लव यू टू कहा | फिर उसके बाद मैं अपने काम में लग गया |

तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद आई होगी |

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