भाभी की चुदाई देख कर मुठ मारा

भाभी की चुदाई देख कर मुठ मारा

नमस्कार दोस्तों कैसे हो आप लोग | आशा करता हूँ की ठीक ही होगे | और वैसे भी मूड ख़राब में सालो कोई सेक्सी कहांनिया नहीं पढता है क्यों भाई लोग | तो चलिए भाइयो मैं ज्यादा बकचोदी न करते हुए अपना परिचय देता हूँ और भाभीकी चुदाई देख कर मुठ मारा इस घटना को आगे ले चलता हूँ| तो दोस्तों मेरा नाम अनुराग अरोरा है | मैं नॉएडा का रहने वाला हूँ और मैं बी-टेक का छात्र हूँ | मेरे घर में मेरे मम्मी-पापा और एक बड़ा भाई है | जिसकी पिछले साल ही शादी हो गयी थी | और वह बंगलौर में जॉब करता है और वहीँ रहता था |

वह साल मैं केवल 1-2 बार घर पर आता था | तथा पापा-मम्मी हमारी अपनी गारमेंट्स की दूकान पर बैठते हैं | चलिए मैं ज्यादा अपनी बकचोदी को न करके सीधा कहानी की ओर बढता हूँ |

दोस्तों यह बात उस समय की है जब मैं अपनी इंटरमीडिएट की पठाई कर रहा था और मेरे भईया ने बी-टेक करने के बाद बंगलौर में जॉब कर ली और वहीँ रहने लगे | दोस्तों मैं अपनी पढाई नॉएडा के ही कॉलेज में करता था | मैं अपने कॉलेज अपने पापा के द्वारा दी गयी बाइक से जाता था| जो कि पापा ने मुझे मेरे बर्थडे पर दी थी | मैं कॉलेज अपने दोस्तों के साथ जाया करता था मेरे सभी दोस्तों के पास बाइक थी | हमारी एक दोस्तों की पूरी गैंग थी जिससे कॉलेज के लडको की फटती भी थी | हम लोग अपने कॉलेज में खूब मस्ती करते थे और कॉलेज के बाद हम लोग अपनी-अपनी बाइक लेकर टहलने निकलते थे | हम लोग कहीं तो पार्को में लडकिया ताड़ते थे तो कहीं मॉल में जाके | लगभग पूरा दिन कॉलेज से लगाकर घर तक केवल बकचोदी के फार्म ही भरा करते थे | मैंने कई बार अपनी इस बकचोदी के कारण पापा से गालिया भी खायी है | मैं तभी अपने दोस्तोके साथ कॉलेज तथा शहर में मस्ती करता रहता था |

एक दिन हम लोग अपने कॉलेज गये और क्लास में बैठे थे | साइंस का पीरियड था हम लोग अपने टीचर का वेट कर रहे थे | बेल बजी और साइंस का टीचर आया और पढाने लगा | उसने रिप्रोडक्शन का चैप्टर खोला और सेक्सुअल रिलेशनशिप बिटवीन गर्ल्स एंड बॉय के बारे में बता रहा था की बच्चा कैसे पैदा होता है | और क्लास के लडुर लड़के यानी की हमारी गैंग मजे से पढ़ भी रहे थे | हम लोग सब गरम हो गये थे और छुट्टी के बाद हम लोगो ने एक प्लान बनाया की रात मेंजी.बी. रोड जाके रंडियो को चोदने का | छुट्टी हुई हम लोग अपने-अपने घर गये खाना पीना किआ और जैसे ही शाम हुई हम लोगो ने अपनी-अपनी बाइक उठाई और चल दिए | पहले तो हमलोग क्लब गये और वहां दारू-वारु पी और जब रात के 10 बजे तो हमलोग क्लब से जी.बी. रोड के लिए निकल लिए | हम लोग वहां पुहुँचे तो देखा कि लडकिया रोड के किनारे खड़ी हुई थी | हम लोग लोगो ने अपने-अपने लिए लडकिया पसंद की और उन्हें लेकर अंदर कमरों में चले गये | और चुदाई का प्रोग्राम स्टार्ट किया | दोस्तों मैंने पहले तो अपने लंड को उसके हाथ में पकडाया और लंड को खड़ा करवाया | जब मेरा लंड खड़ा हो गया तब मैंने अपना लंड उसके मूह में डाल कर उससे अपने लंड को चूसने लगा | जब वो मेरे लंड को चूस रही थी तब मेरे मुह से आह आह ओह्ह उन्ह उन् आह आह ओह्ह इह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह आह आह आह आह आह ओह्ह ओह्ह आह आह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह आह आह आह आह आ आह आहा अकी सिस्कारिया निकल रही थी | और मैं खूब एन्जॉय कर रहा था ऐसा लग रहा तथा की जन्नत में आ गया हूँ | थोड़ी देर बाद उससे अपना लंड चूसाने के बाद मैंने उसे चोदने का प्लान बनाया और उसके शरीर के सारे कपडे उतार कर एकदम नंगा कर दिया और मैं भी पूरा नंगा हो गया | मैंने उसे चारपाई पर लिटाया और उसके पैरो को मैंने अपने कंधो पर रख लिया और उसकी चूत में अपना मोटा स लंड को परवेश किआ और जोर-जोर से शुरू हो गया | मैंनेउसकी चुदाई बहुत जोरों से की कि उसके भी मुह से आह आह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह आह आह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह ओह्ह आह आह आह अहा आहा अहः आ हां आह आह ओउंह ऊन्न्ह्ह उन्ह उन्ह उन्हिह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह आहा आह्ह आह आह आह आह उन्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह ईह्ह की सिस्कारिया ले रही थी | चुदाई करने के बाद मैंने उसको 500 रूपये दिए और घर को चले आये|

मेरी भी इंटर की पढाई पूरी होने थी| मैं भी थोडा अब सीरियस हो गया था | क्योकि मेरे एग्जाम आनेवाले थे और मुझे पास होना था | लगभग 1 महीने के बाद मेरे एग्जाम हो गये| और मैं अब रिजल्ट का इन्तजार कर रहा था | एक दिन हमारे घर पर कुछ मेहमान आये थे | वो मेरे बड़े भईया का रिश्ता लेके आये थे | मेरे पापा ने अच्छा परिवार देखकर हाँ कर दी और अगले महीने ही भईया की शादी फिक्स कर दी | भईया भी बंगलौर से आ गये थे | अब हमारे घर में शादी के फंक्शन होने लगे और मेरे सभी मेहमान भी घर आ गये थे खूब मजा आ रहा था | धीरे-धीरे भईया की शादी नजदीक आ गयी और शादी की तैयारी जोरो-शोरो से चल थी | दो दिन बाद भईया की शादी थी हम लोग बहुत बेसब्री से उस दिन का इन्तजार कर रहे थे | 2 दिन बीते और भईया की शादी आ गयी | हम लोग बारात लेके वहां पहुंचे | मैं और मेरे दोस्तों ने भईया की शादी में जमकर शराब पी और खूब देर तक डांस किआ | और अगले दिन सुभह हम लोग दुल्हन को बिदा कर लाये | जबरात में भईया सुहाग रात बना रहे थे तो उनके कमरों से तेज-तेजआह आह आहआह ओह्ह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह आह आह आह आह आह आह आ आ हह हह हह ह ह आह आ अहः ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्हं ओह्हं ओह्हं आह आ ह्हहा अ अह आहाह अहहाह ह्हहा आह आह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह की आवाजे आ रही थी | मेरा कमरा भईया के कमरे के पडोश ही था | मैं उठा और अपने कमरे से बाहर आया और दिमाक लगाया की यह आवाजे कैसी है | थोड़ी देर बाद मैंने शोंचा की कुछ नही भईया भाभी की तेज चुदाई कर रहे हैं | मैंने शोचा की क्यों न यह नजारा देखा जाये | मैं उठा और छत्त पर चला गयावहां से एक होल भईया के कमरे का पूरा नजारा दिखा सकता था मैं उस होल से सब कुछ देखने लगा | भईया ने भाभी को पूरा नंगा करके चोद रहे थे | दोस्तों मैं क्या आप लोगो को बताऊँ मेरा भी लंड खड़ा हो रहा था | जबभईयाभाभीकोचोद रहे थे तब मेरा भी मन कर रहा था की मैं भी चोदू पर ऐसा हो नहीं सकता था | मैफिर चुदाई का नज़ारा देखने लगा | भईया भाभी को अपना लंड चूसा रहे थे और उनके मुह से आह आ आहा आह आह आह आह आह आ अहाह आह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह इह्ह इह्ह ओह्ह उन्ह आह आह आह आह अ नो नो नो ओह्ह ओह ओह आह आह आह अहा अहः की सिस्कारिया निकल रह थी | थोड़ी देर तक भईया ने भाभी को अपना लंड को चुसाया और फिर भईया ने भाभी को अपने मुह में रख कर चूसने लगे | दोस्तों मैं वह नज़ारा देख कर मेरा भी लंड खड़ा हो रहा था और मैं अपने लंड को हाथ में पकड़ कर मल रहा था | मेरेबरदास के बाहर हो गया था और मैंने वहीँ छत्त पर मुठ मार दिया | थोड़ी देर तक भईया ने भाभी के दूधो को पिया और फिर बाद में वो भाभी को लिटा कर उनकी चूत में अपना मुह दाल के चाटने लगे और भाभी के मुह से आह आ अहः अहः अहः आहा अहः अहः उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह  इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह इह्ह आहअहः अहः हाहाहा अहः अहः की सिस्कारिया निकल रही थी| थोड़ी देर तक भईया ने भाभी की चूत में अपना मुह दाल का चाता और फिर भाभी को बेड पर घोड़ी बनाकर उनकी पतली सी गांड में अपना लौंडा डालके शुरू हो गये और धीरे-धीरे अन्दर-बाहर कर रहे थे क्योकि भाभी की गांड बहुत पतली थी और भाभी की फट रही थी | इस बार जब भईया भाभी को घोड़ी बनाकर उनकी गांड चोद रहे थे तो दोनों के मुह से आहाहाहा अहहहा अह आह आह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह आह आह आह आह आह आह आह अहः ओह्ह ओह्ह की सिस्कारिया ले रहे थे और इधर मैं भी मुठ मारे जा रहा था|

भईया ने अपनी सुहाग रात में 5 बार चुदाई की थी | और मैंने भी उन दोनों की चुदाई का नज़ारा देख कर 3 बार मुठ मारा था |

 

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी इस तरह से मैंने भाभी की चुदाई देख कर मुठ मारा | आशा करता हूँ कि आप लोगो को अच्छी लगेगी |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *