ऑफिस में काम करने वाले दोस्त की बहन

ऑफिस में काम करने वाले दोस्त की बहन

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मेरा नाम सार्थक है में 26 वर्ष का मुंबई का रहने वाला हूं। मैं एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता हूं और मुझे इस कंपनी में काम करते हुए एक वर्ष से ऊपर हो चुका है और इस एक वर्ष में हमारे ऑफिस में कई लोग आए है और कई लोग छोड़कर भी चले गए लेकिन मैं अपना काम अच्छे से करता हूं इसलिए मुझे किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई। मेरे बॉस भी मुझसे बहुत खुश रहते हैं, मेरे ऑफिस में मेरा एक दोस्त रोहन है। मैं रोहन को इसी ऑफिस में मिला था और रोहन से अब मेरी बहुत अच्छी बातचीत हो चुकी है,  रोहन और मेरे बीच बहुत अच्छी दोस्ती है। एक दिन जब रोहन और मैं ऑफिस में ही थे तो रोहन ने आकर मुझे कहा कि तुम थोड़ी देर के लिए मेरे साथ बाहर चल सकते हो, मैंने उसे कहा कि क्या तुम्हे कुछ काम है, वह कहने लगा हां कुछ जरूरी काम है इसलिए मुझे तुमसे बात करनी है। जब हम लोग बाहर गए तो उसकी बहन बाहर हमारा इंतजार कर रही थी।

मैं रोहन की बहन से पहली बार ही मिला था और रोहन मुझे कहने लगा कि मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता है, मैं अपनी सैलरी आते ही तुम्हे पैसे लौटा दूंगा। मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें पैसे दे देता हूं क्योंकि वह पैसे सरिता को चाहिए थे, उसे अपनी कॉलेज की फीस भरनी थी। मैंने सरिता को पैसे दे दिए और उस दिन रोहन ने मेरा परिचय सरिता से करवाया। यह हमारी पहली मुलाकात थी। पहली मुलाकात से ही मुझे सरिता अच्छी लगने लगी लेकिन मैं यह बात रोहन से नहीं कह सकता था। हम दोनों ऑफिस में साथ में ही काम किया करते थे। एक दिन जब मैं अपने घर लौट रहा था तो उस वक्त मुझे सरिता बस स्टॉप पर दिखी। मैंने अपनी बाइक रोकी और उसे कहा कि तुम कहां जा रही हो, वह कहने लगी कि मैं अपने घर जा रही थी लेकिन मैं अपनी किसी सहेली का यहां पर वेट कर रही हूं,  वह अभी तक नहीं आई इसीलिए मैं सोच रही हूं की अब घर चली जाऊं। मैंने सरिता से कहा कि मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूं, मैंने सरिता को उसके घर छोड़ दिया और उस दिन मैंने सरिता का नंबर भी ले लिया था।

रास्ते में हम लोग बात कर रहे थे कि क्या तुमने फीस जमा कर दी, वह कहने लगी हां मैंने फीस जमा कर दी है और अब हमारे कुछ समय बाद एग्जाम भी होने वाले हैं। मेरी सरिता के साथ बहुत अच्छी बातचीत हो गई थी और उससे बात करना भी मुझे अच्छा लगता था। मैंने एक दिन सरिता को फोन पर मैसेज भेज दिया और उसने भी मुझे रिप्लाई कर दिया,  फिर हम दोनों बातें करने लगे थे। सरिता भी अपने कॉलेज की फोटूऐं मुझे भेज दिया करती थी। मैं उसे कहता कि तुम बहुत ही सुंदर हो और बहुत अच्छी लगती हो। धीरे-धीरे हम दोनों के बीच बातें होने लगी थी लेकिन यह बात रोहन को नहीं पता थी और ना ही मैं चाहता था कि यह बात रोहन को पता चले इसलिए मैंने कभी भी रोहन से इस बारे में बात नहीं की और ना ही सरिता ने रोहन को कभी हमारे बारे में कुछ बताया। मुझे जब भी समय मिलता तो मैं सरिता के साथ ही घूमने चला जाता था और हम दोनों कई बार मूवी देखने चले जाते थे। मुझे सरिता के साथ समय बिताना भी अच्छा लगता था और सरिता को भी मेरे साथ में समय बिताना बहुत पसंद है। सरिता एक दिन मुझसे कहने लगी कि यदि हम दोनों के बारे में भैया को पता चलेगा तो वह हम दोनों के बारे में क्या सोचेंगे, मैंने उसे कहा कि यह तुम बिलकुल सही बोल रही हो क्योंकि रोहन मेरा बहुत अच्छा दोस्त है यदि उसे हम दोनों के बारे में पता चलेगा तो वह हम दोनों के बारे में गलत सोचेगा, इसलिए हमें रोहन को इस बारे में सब कुछ बता देना चाहिए। सरिता कहने लगी मैं तो अपने भैया से इस बारे में बात नही कर सकती परंतु आप यदि भैया से बात कर लो तो अच्छा रहेगा। मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं रोहन को अपने और सरिता के बारे में बता दू। एक दिन मैं और रोहन कैंटीन में बैठे हुए थे। मैंने रोहन से कहा कि मुझे सरिता अच्छी लगती है और हम दोनों ही एक दूसरे को पसंद करते हैं। रोहन ने मुझसे कहा कि मुझे मालूम है कि तुम एक अच्छे लड़के हो और यदि तुम्हारा और सरिता का रिश्ता हो जाता है तो मुझे बहुत खुशी होगी।

रोहन मुझसे कहने लगा कि मैं इस बारे में अपने घर पर भी बात करूंगा। मैंने रोहन को कहा कि अभी हमें कुछ समय चाहिए, उसके बाद ही हम लोग इस रिश्ते के लिए आगे बात कर सकते हैं क्योंकि अभी सरिता कॉलेज में पढ़ रही है और जब उसका कॉलेज पूरा हो जाएगा उसके बाद ही मैं इस बारे में अपने घर पर बात कर सकता हूं। रोहन कहने लगा ठीक है जैसा तुम्हें उचित लगता है। रोहन को भी हम दोनों के रिश्ते से बिल्कुल भी ऐतराज नहीं था और जब यह बात मैंने सरिता को बताई तो वह बहुत खुश हो गई और कहने लगी कि मुझे तो बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि भैया को हम दोनों के रिश्ते से कोई दिक्कत नहीं होगी, मुझे ऐसा लग रहा था कि कहीं भैया मुझे ही गलत ना समझे लेकिन मैंने सरिता से कहा कि रोहन एक बहुत ही अच्छा लड़का है और वह बहुत समझदार भी है, उसे अच्छे और बुरे की सब समझ है। मैं रोहन को काफी समय से जानता हूं इसीलिए उसे भी हम दोनों के रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं है और वह भी मुझे बहुत अच्छे से जानता है। हम दोनों के रिलेशन से रोहन को बिल्कुल भी कोई आपत्ति नहीं थी। हम दोनों को ही जब भी समय मिलता तो हम दोनों साथ में मिल लिया करते थे। मुझे भी बहुत अच्छा लगता था जब मैं सरिता से मिलता था। एक दिन सरिता और मैं साथ में बैठे हुए थे।

उस दिन सरिता बहुत ज्यादा सुंदर लग रही थी मैंने उसे आज तक कभी भी छुआ नहीं था। मैंने उसका हाथ पकड़ा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और वह भी बहुत खुश हो गई। मैंने उसकी जांघों को सहलाना शुरु कर दिया वह भी समझ चुकी थी कि मेरा मूड आज उसे चोदने का है इसीलिए वह मुझे कहने लगी कि हम लोग कहीं बाहर चलते हैं। मैंने उसे कहा कि आज हम लोग किसी होटल में चलते हैं और वहीं पर रुकेंगे। मै सारिता को होटल में लेकर गया। जब मैंने उसके कपड़ों को उतारा तो मुझे उसका यौवन देख कर बड़ा अच्छा लगने लगा और मैं काफी देर तक उसके स्तनों को चूसता रहा। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए सरिता के मुंह में डाल दिया और उसने भी मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक समा लिया और बहुत अच्छे से सकिंग करने लगी। उसके बाद मैंने उसकी योनि को चाटा उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था मैं उसके पानी को अपने अंदर ही ले लेता। कुछ देर बाद मैंने जैसे ही उसकी योनि पर अपने लंड को टच किया तो वह मचलने लगी और मैंने जैसे ही अपने लंड को धक्का देकर उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो उसकी खून की पिचकारी मेरे लंड पर गिर गई। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और बड़ी तेज गति से उसे धक्के देने लगा। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है। मैंने काफी देर तक उसे ऐसे ही धक्के मारे उसके बाद मैंने उसे उठाते हुए अपने ऊपर लेटा दिया। जैसे ही उसकी योनि में मेरा लंड गया तो वह चिल्लाने लगी और अपने मुंह से मादक आवाज निकालने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह अपन चूतडो को हिला रही थी। मैंने उसे बड़ी तेज तेज धक्के मारे जिससे कि उसका पूरा शरीर गर्म होने लगा और मुझे भी बड़ा आनंद आने लगा। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि सरिता का शरीर इतना मस्त है। मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था और वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाए जा रही थी लेकिन कुछ समय बाद ही मेरा वीर्य उसकी योनि में गिर गया। अब हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए और उसके बाद उसने घर पर कुछ बहाना बना दिया और मैंने रात भर सरिता को बड़े अच्छे से चोदा।

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